प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : किसानों को आस बंधी
-
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां अधिकतक ग्रामीण कृषि पर आश्रित हैं। कृषि
किसानों का मुख्य व्यवसाय है, परंतु प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं अथवा आगजनी के
कारण...
skip to main |
skip to sidebar
मोदी सरकार के 12 वर्ष : राष्ट्रवाद का स्वर मुखर, उपलब्धियों की सरकार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने एक नया भारत जो राष्ट्र निर्माण, सुशासन और विकास के नए अध्याय के रूप में सामने हैं। इस अवधि में राष्ट्रीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भर भारत के विचार को व्यापक स्वीकार्यता मिली है।
इन 12 वर्षों में भारत ने आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, वित्तीय समावेशन, रक्षा सशक्तीकरण और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनधन खाते, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत अभियान और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।
राष्ट्रवाद के स्वर को मजबूती देने में सीमा सुरक्षा, आतंकवाद के विरुद्ध कठोर नीति, स्वदेशी रक्षा उत्पादन तथा भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण से जुड़े प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समर्थकों के अनुसार भारत आज विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने में सक्षम हुआ है।
आर्थिक क्षेत्र में भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है तथा डिजिटल भुगतान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। साथ ही, जी-20 की अध्यक्षता जैसे अवसरों ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया।
मोदी सरकार के 12 वर्षों को राष्ट्रवाद, विकास, सुशासन और जनकल्याण के समन्वय का कालखंड हैं, जिसने भारत को एक समर्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
Wednesday, June 10, 2026
टीवी पर लाइव
मोदी सरकार के 12 वर्ष : राष्ट्रवाद का स्वर मुखर, उपलब्धियों की सरकार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने एक नया भारत जो राष्ट्र निर्माण, सुशासन और विकास के नए अध्याय के रूप में सामने हैं। इस अवधि में राष्ट्रीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भर भारत के विचार को व्यापक स्वीकार्यता मिली है।
इन 12 वर्षों में भारत ने आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, वित्तीय समावेशन, रक्षा सशक्तीकरण और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनधन खाते, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत अभियान और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।
राष्ट्रवाद के स्वर को मजबूती देने में सीमा सुरक्षा, आतंकवाद के विरुद्ध कठोर नीति, स्वदेशी रक्षा उत्पादन तथा भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण से जुड़े प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समर्थकों के अनुसार भारत आज विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने में सक्षम हुआ है।
आर्थिक क्षेत्र में भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है तथा डिजिटल भुगतान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। साथ ही, जी-20 की अध्यक्षता जैसे अवसरों ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया।
मोदी सरकार के 12 वर्षों को राष्ट्रवाद, विकास, सुशासन और जनकल्याण के समन्वय का कालखंड हैं, जिसने भारत को एक समर्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
विषय
- Dr. Sourabh Malviya
- English
- Faculty development programme
- अन्य लेखक
- अर्थव्यवस्था
- आधी आबादी
- उत्तर प्रदेश चुनाव- 2022
- एकात्म मानवदर्शन
- काव्य
- कृषि
- केन्द्रीय बजट
- गोवंश
- चित्र पेटिका से
- टीवी पर लाइव
- डॉ. सौरभ मालवीय
- दीक्षांत समारोह
- धरोहर
- धर्म
- पर्यटन
- पर्यावरण
- पर्व
- पापा
- पुरस्कार
- पुस्तक
- पुस्तक अंश : विकास के पथ पर भारत
- पुस्तक अंश- राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी
- पुस्तक- अंत्योदय को साकार करता उत्तर प्रदेश
- पुस्तक- भारत बोध
- पुस्तक- भारतीय पत्रकारिता के स्वर्णिम हस्ताक्षर
- पुस्तक- भारतीय राजनीति के महानायक नरेन्द्र मोदी
- पुस्तक- राष्ट्रवाद और मीडिया
- पुस्तक- राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी
- पुस्तक- विकास के पथ पर भारत
- पुस्तक- श्रेष्ठ भारत आत्मबोध से राष्ट्रबोध
- पुस्तक-भारतीय संत परम्परा : धर्मदीप से राष्ट्रदीप
- प्रकाशन
- बेसिक शिक्षा यूपी
- भारतीय जनता पार्टी
- भाषा
- मार्क्सवादी कमुनिस्ट पार्टी
- मीडिया
- मेरा गांव मेरा तीर्थ
- मेरा जीवन
- मेरी पुस्तक
- मेरी पुस्तकें
- यात्रा संस्मरण
- राजनीति
- राष्ट्र चिंतन
- राष्ट्रवाद
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
- रेडियो
- लोकसभा चुनाव
- विचार दर्शन
- विद्या भारती
- विविध
- वीडियो
- व्यक्तित्व
- व्याख्यान
- शिक्षा
- श्रीन्द्र मालवीय
- समाज
- सम्मान
- संविधान
- संस्कृति
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
- साहित्य
- सूचना
- सृष्टि मालवीय
- स्मारिका
- स्वास्थ्य
- हिन्दू संस्कृति पर माओवादी हमला
मेरे बलॊग
-
-
भारतीय पत्रकारिता का पिंड है राष्ट्रवाद, फिर इससे गुरेज क्यों? - *सौरभ मालवीय ने कहा अटल बिहारी वाजपेयी जन्मजात वक्ता थे, जन्मजात कवि हृदय थे, पत्रकार थे, प्रखर राष्ट्रवादी थे. उनके बारे में कहा जाता था कि यदि वह पाकिस्...
लोक दृष्टि
-
देश के अधिकतर गांवों में आज भी विद्युत संकट एक चुनौती बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के बदलते आधार, जीवन स्तर में सुधार के कार...
-
विद्यालयों में राजनीति नहीं, शिक्षा का वातावरण चाहिए लोकतंत्र में सवाल उठाना, सरकार से जवाब मांगना और अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। ...
-
जीविकोपार्जन के लिए किसी भी व्यक्ति को कार्य की आवश्यकता होती है. देश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। बेरोजगारी क...
-
'अमृतकाल में भारत और मीडिया' सम्पादक - डॉ. साधना श्रीवास्तव प्रकाशक - पार्थ प्रकाशन, देहरादून बधाई और आभार!!
-
जीवनयापन के लिए रोजगार होना आवश्यक है. रोजगार प्राप्त करने के लिए कुशल होना अति आवश्यक है. किसी भी कार्य के लिए उसकी जानकारी होनी चाहिए. युव...
-
फसल उगाने से लेकर उसे बेचने तक किसानों को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है। फसल काटने के बाद किसानों को चिंता होती है कि उन्हें उनकी फसल के सही ...
-
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां अधिकतक ग्रामीण कृषि पर आश्रित हैं। कृषि किसानों का मुख्य व्यवसाय है, परंतु प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं अथवा ...
-
बस्ती। सरस्वती विद्या मन्दिर, रामबाग में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत...
-
उपजाऊ कृषि भूमि से ही अच्छी फसल मिलती है, लेकिन उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग के कारण कृषि भूमि निरंतर बंजर होती जा रही है। मिट्टी...
-
लखनऊ। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित शारदा प्रकाशन की पुस्तक लेखन कार्यशाला का आयोजन 21 अगस्त 2026 को किया गया। कार्यशाला क...
संप्रति
डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
***
डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
जिन्हें पढ़ता हूं
-
शहर, कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी - “पॉटी उठाना शर्म नहीं, संस्कार है, शहर की सड़कों पर पॉटी नहीं, जिम्मेदारी चाहिए” भारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और यह ...1 year ago
-
Read harcourt 3rd grade math Best Books of the Month PDF - *Download Kindle Editon harcourt 3rd grade math Download Now PDF* Read harcourt 3rd grade math Audio CD Open Library Rеаd thrоugh Frее Bооkѕ Onlіnе і...6 years ago
-
नमो-नमो.....आंखों ने जो देखा ! - अपन गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श राजनेता मानकर राजनीति में सक्रिय हैं। सादगी, शुचिता, विनम्रता, अध्ययनशीलता...ये सब गुण ऐसे हैं, जो ज्यादा आ...12 years ago





0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment