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Sunday, October 4, 2026

विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्य समिति की बैठक प्रारम्भ







विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय कार्य समिति की बैठक निराला नगर, लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रारम्भ हुई। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने प्रस्तावना रखते हुए आगामी कार्ययोजना, संगठन की प्राथमिकताओं एवं शैक्षिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री दिव्य कांत शुक्ल, संगठन मंत्री श्री हेमचंद्र जी सहित क्षेत्रीय कार्य समिति के समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने, संस्कारयुक्त एवं भारत-केंद्रित शिक्षा को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
संस्कारयुक्त शिक्षा — राष्ट्र निर्माण का आधार।

Saturday, October 3, 2026

अमृत महोत्सव

  


प्रेस वार्ता

  

















प्रेस वार्ता

तेतरी बाजार सिद्धार्थनगर, 03 अक्टूबर 2026
सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर विद्या भारती देशभर में इसे ‘अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाएगी - डॉ सौरभ मालवीय    
भारतीय संस्कृति, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संवाहक शैक्षिक संगठन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिशु मन्दिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर ‘अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य पर विद्या भारती द्वारा संचालित देशभर के शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन करेगी। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों और विद्या मंदिरों में आयोजित किए जाने वाले आयोजनों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी प्राचीन संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और उच्च नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। विद्या भारती का उद्देश्य इस आयोजन को केवल एक संस्थागत उत्सव न बनाकर 'सामाजिक उत्सव' का रूप देना, जिसके निमित्त पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्या भारती का यह अमृत महोत्सव आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। उपरोक्त बातें विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मन्दिर तेतरी बाजार, नौगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहीं।

डॉ मालवीय ने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर समाज में एकता, समानता और बंधुत्व की भावना को सुदृढ़ करने के लिए विद्या भारती द्वारा देश भर में 'सामाजिक समरसता' के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्या भारती औपचारिक और अनौपचारिक माध्यमों से नई पीढ़ी के मन में संत रविदास के विचारों को रोपित कर सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने में अग्रदूत की भूमिका निभा रही है। विद्या भारती एक ऐसे सशक्त, संगठित और समरस भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रही है जिसकी कल्पना संत रविदास ने की थी।

इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचन्द्र जी, क्षेत्र प्रचार संयोजक डॉ योगेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र, प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त राम सिंह जी, गोरखपुर संभाग निरीक्षक अजय दुबे जी, विद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार जायसवाल, प्रधानाचार्य बसंत प्रसाद मिश्र उपस्थित रहे।




Friday, September 25, 2026

ऐतिहासिक ‘नमामि भारतम्’ — राष्ट्रीय रिकॉर्ड की ओर एक कदम













वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को अभिव्यक्त किया गया।
इस ऐतिहासिक प्रयास को और भी विशेष बनाते हुए, देशभर में होने वाले इस विशाल सामूहिक गायन को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा रिकॉर्ड प्रमाणन के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
आज का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी सामूहिक श्रद्धा और नई पीढ़ी को राष्ट्रभाव से जोड़ने का एक ऐतिहासिक अवसर रहा।
 वन्दे मातरम्!
 नमामि भारतम्!

Tuesday, September 22, 2026

विद्या भारती का ध्येय श्रेष्ठ, संस्कारवान एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण : डॉ सौरभ मालवीय

 






गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर (10+2), पक्कीबाग, गोरखपुर में क्षेत्रीय अधिकारी प्रवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री दिव्यकांत जी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभावना एवं जीवन-मूल्यों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

श्रेष्ठ शिक्षा के साथ संस्कार एवं राष्ट्रभावना आवश्यक
डॉ. सौरभ मालवीय जी ने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि श्रेष्ठ, सुयोग्य, संस्कारवान एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है। शिक्षा के साथ धर्म, संस्कृति, परंपरा एवं जीवन-मूल्यों का समन्वय ही विद्यार्थी के व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करता है।
उन्होंने दैनिक वंदना के महत्व को बताते हुए कहा कि नियमित वंदना विद्यार्थियों में एकाग्रता, सकारात्मक चिंतन, आत्मअनुशासन एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास करती है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए दैनिक जीवन में इसके व्यावहारिक उपाय अपनाने तथा विभिन्न समस्याओं का सहज एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से समाधान करने के लिए प्रेरित किया।

परीक्षा को अवसर के रूप में देखें विद्यार्थी
क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री दिव्यकांत जी ने बोर्ड परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा केवल अंकों का मूल्यांकन नहीं, बल्कि विद्यार्थी के जीवन की भावी दिशा और दशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने तथा परीक्षा की तैयारी में एकाग्रता और निरंतरता बनाए रखने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को तनाव के रूप में न लेकर अपनी प्रतिभा, ज्ञान और परिश्रम को अभिव्यक्त करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

अतिथियों का हुआ भव्य अभिनंदन
कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने आगंतुक अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य श्री राम केवल शर्मा ने सभी अतिथियों, आचार्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अवध प्रांत के कोषाध्यक्ष श्री आर. के. कनौजिया, शिशु शिक्षा समिति के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह सहित विद्यालय परिवार के समस्त आचार्य-आचार्या, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

शिक्षा में ज्ञान, संस्कार में शक्ति और राष्ट्रभावना में व्यक्तित्व निर्माण—इन्हीं मूल्यों के साथ विद्या भारती भावी पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार कर रही है।

Thursday, September 17, 2026

त्रुटिरहित परीक्षा एवं निष्पक्ष मूल्यांकन पर दिया गया विशेष जोर - डॉ सौरभ मालवीय












लखनऊ। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित प्रदेश निरीक्षक एवं प्रदेश परीक्षा प्रमुख बैठक के समापन सत्र में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
अपने मार्गदर्शन में डॉ. सौरभ मालवीय जी ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था एवं मूल्यांकन की महत्ता को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा त्रुटिरहित एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न होनी चाहिए तथा परीक्षा के उपरांत मूल्यांकन भी पूरी सावधानी एवं निष्पक्षता के साथ किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि ऐसी प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी वास्तविक योग्यता एवं प्रदर्शन के अनुरूप अंक प्राप्त हों। इससे परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बन सकेगी।
समापन सत्र में परीक्षा की गुणवत्ता, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन, निरीक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

भारत की राष्‍ट्रीयता हिंदुत्‍व है