लखनऊ। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित प्रदेश निरीक्षक एवं प्रदेश परीक्षा प्रमुख बैठक के समापन सत्र में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
अपने मार्गदर्शन में डॉ. सौरभ मालवीय जी ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था एवं मूल्यांकन की महत्ता को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा त्रुटिरहित एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न होनी चाहिए तथा परीक्षा के उपरांत मूल्यांकन भी पूरी सावधानी एवं निष्पक्षता के साथ किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि ऐसी प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी वास्तविक योग्यता एवं प्रदर्शन के अनुरूप अंक प्राप्त हों। इससे परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बन सकेगी।
समापन सत्र में परीक्षा की गुणवत्ता, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन, निरीक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
'श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध' का अवलोकन
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मेरे द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का उत्तर
प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी द्वारा
आत्मीय...













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