'श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध' का अवलोकन
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मेरे द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का उत्तर
प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी द्वारा
आत्मीय...
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राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्यरत प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ, यशस्वी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना।
इस विशेष अवसर पर दूरदर्शन, लखनऊ केन्द्र में लाइव चर्चा के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार रखने का अवसर प्राप्त हुआ।
राष्ट्र सर्वोपरि।
Thursday, September 17, 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ
राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्यरत प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ, यशस्वी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना।
इस विशेष अवसर पर दूरदर्शन, लखनऊ केन्द्र में लाइव चर्चा के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार रखने का अवसर प्राप्त हुआ।
राष्ट्र सर्वोपरि।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
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भारतीय पत्रकारिता का पिंड है राष्ट्रवाद, फिर इससे गुरेज क्यों? - *सौरभ मालवीय ने कहा अटल बिहारी वाजपेयी जन्मजात वक्ता थे, जन्मजात कवि हृदय थे, पत्रकार थे, प्रखर राष्ट्रवादी थे. उनके बारे में कहा जाता था कि यदि वह पाकिस्...
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जनता के कल्याण के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है, किन्तु लोगों को इनके बारे में जानकारी न होने के कारण वे इनका लाभ नहीं उठा पाते। इसीलिए ...
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देश में ढाई करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके सशक्तिकरण और आर्थिक समावेश के लिए निरंतर कार्यरत है। केंद्र सरक...
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खेतों के लिए सिंचाई जल अति आवश्यक है। जहां नहरें नहीं हैं, वहां नलकूप के माध्यम से सिंचाई की जाती है। किसानों को सिंचाई जल उपलब्ध कराने के ल...
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देश में भ्रष्टाचार, गरीबी और निरक्षरता जैसी समस्याएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इससे निपटने के लिए जनता और सरकार दोनों को ही मिलकर काम करना ...
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-सौरभ मालवीय भारतीय राजनीति में अनेक विचारधाराएं प्रचलित हैं। इसमें ''सांस्कृतिक राष्ट्रवाद'' प्रमुख है। ऐसी परिस्थितिय...
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उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि ही है। इसलिए राज्य सरकार कृषि पर विशेष ध्यान दे रही है। कृषि उत्प...
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डॉ. सौरभ मालवीय भारत का समाज अत्यंत प्रारम्भिक काल से ही अपने अपने स्थान भेद, वातावरण भेद, आशा भेद वस्त्र भेद, भोजन भेद आदि विभिन्न कारण...
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देश में अधिकतर जनजातीय जिले वन क्षेत्रों में हैं। जनजातीय समुदाय पारंपरिक प्रक्रियाओं से गैर-लकड़ी वनोत्पाद एकत्रित करने और उनके मूल्यवर्धन ...
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सरकार समाज के कमजोर वर्गों, जनजातियों और वन में रहकर जीवन यापन करने वाले खनन गतिविधियों से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले लोगों को मुख्यधारा...
संप्रति
डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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नमो-नमो.....आंखों ने जो देखा ! - अपन गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श राजनेता मानकर राजनीति में सक्रिय हैं। सादगी, शुचिता, विनम्रता, अध्ययनशीलता...ये सब गुण ऐसे हैं, जो ज्यादा आ...12 years ago







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