Sunday, February 15, 2026

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ…

  







टीवी पर लाइव

  




शिवाजी महाराज राष्ट्रनायक हैं, जिन्होंने स्वराज और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की।
टीपू सुल्तान को शिवाजी के समकक्ष रखना ऐतिहासिक दृष्टि से उचित नहीं है।

Saturday, February 14, 2026

आत्मीय भेंट




लखनऊ। दिव्य प्रेम सेवा मिशन (हरिद्वार) के शिल्पकार संत स्वरूप श्री आशीष गौतम जी से आज लखनऊ स्थित कुशीनगर के विधायक श्री पी. एन. पाठक जी के सरकारी आवास पर आत्मीय भेंट हुई। इस अवसर पर दिव्य सेवा संस्थान के सेवा कार्यों एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण एवं लोकमंगल से जुड़े विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया गया। संत स्वरूप आशीष गौतम जी ने दिव्य सेवा प्रेम मिशन द्वारा संचालित सेवा परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आगामी आयोजनों एवं जनजागरण अभियानों की जानकारी भी साझा की।

विधायक पी एन पाठक जी ने संस्थान के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए ऐसे संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर शहर के अनेक प्रमुख नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने दिव्य सेवा संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

Wednesday, February 11, 2026

भारतीय ज्ञान परम्परा विषय पर व्याख्यान











वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित शोध कार्यशाला में “भारतीय ज्ञान परम्परा” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की हैं l

इस अवसर पर डॉ. सौरभ मालवीय ने भारतीय ज्ञान परम्परा की ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं सांस्कृतिक आधारभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारतीय ज्ञान परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। वेद, उपनिषद, पुराण, लोकपरम्पराएँ, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष, साहित्य और दर्शन—इन सभी ने विश्व को मानवीय मूल्यों, समरसता और वैज्ञानिक दृष्टि का संदेश दिया है।

डॉ. मालवीय ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्यों को समझते हुए समकालीन मीडिया विमर्श में सकारात्मक और तथ्यपरक दृष्टिकोण अपनाएँ। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय चिंतन की प्रासंगिकता आज और अधिक बढ़ गई है।

Friday, February 6, 2026

फैक्ट चेकिंग पर कार्यक्रम






लखनऊ। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय में आज डीपफेक, एआई टूल्स एवं फैक्ट चेकिंग विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीटीआई के चीफ सब-एडिटर श्री गौरव ललित शर्मा ने विद्यार्थियों को समसामयिक डिजिटल चुनौतियों से अवगत कराया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि फेक न्यूज न केवल व्यक्ति बल्कि समाज और संस्थानों की छवि को भी धूमिल करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे पत्रकारिता के क्षेत्र में सत्य, नैतिकता और जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखें तथा किसी भी सूचना को प्रसारित करने से पूर्व उसका तथ्यात्मक सत्यापन अवश्य करें।

मुख्य वक्ता श्री गौरव ललित शर्मा ने सरल शब्दों में बताया कि डीपफेक क्या है और एआई की मदद से फर्जी ऑडियो-वीडियो कैसे तैयार किए जाते हैं। उन्होंने छात्रों को Resemble (Voice Cloner), Eleven Labs, Ghostarchive, Archive Today और Wayback Machine जैसे उपयोगी टूल्स की जानकारी दी, जिनकी सहायता से डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने और फैक्ट चेकिंग में मदद मिलती है।

उन्होंने फैक्ट चेकिंग के आवश्यक बिंदुओं तथा चरणबद्ध प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की और इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से अतिथि वक्ता का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृतिका अग्रवाल ने किया.

सुखद मुलाक़ात



सुखद मुलाक़ात.  शाम ए लखनऊ
मित्रवर Vikas Bhadauria 
Ranveer Singh 
Ajay Dubey 
NDTV India

Thursday, February 5, 2026

मीडिया अवेयरनेस कार्यक्रम






लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में एक विशेष मीडिया अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सर्वेश तिवारी ने डिजिटल मीडिया और टीवी मीडिया के बदलते स्वरूप पर विस्तार से जानकारी साझा की। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य मीडिया के छात्रों और नवोदित पत्रकारों को व्यावहारिक एवं पेशेवर ज्ञान प्रदान करना था।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. तिवारी ने डिजिटल एवं टीवी मीडिया में “ब्लैंक स्क्रीन” की स्थिति पर गंभीरता से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि एंकर या रिपोर्टर के पास विषय की स्पष्ट समझ, कंटेंट क्लैरिटी और पर्याप्त तैयारी नहीं होती, तो इसका सीधा प्रभाव उसकी विश्वसनीयता और पेशेवर प्रगति पर पड़ता है।
कार्यक्रम में एंकरिंग और रिपोर्टिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विशेष चर्चा की गई। डॉ. तिवारी ने कहा कि एक अच्छा एंकर केवल समाचार पढ़ने वाला नहीं होता, बल्कि समाचार को समझकर, विश्लेषण करते हुए और दर्शकों से जुड़ाव बनाकर प्रस्तुत करता है।
इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, टीवी जर्नलिज़्म, कंटेंट प्रेज़ेंटेशन, भाषा की स्पष्टता, बॉडी लैंग्वेज तथा स्क्रीन प्रेज़ेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्रों को नियमित अभ्यास, सतत अवलोकन और आत्म-सुधार पर निरंतर कार्य करने की सलाह दी। सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर हुआ जिसमें प्रतिभागियों ने अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।
विभागाध्यक्ष डॉ सौरभ मालवीय ने सत्र को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। संचालन डॉ. कृतिका अग्रवाल ने किया. कार्यक्रम में विभाग के सभी शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भारत की राष्‍ट्रीयता हिंदुत्‍व है