लखनऊ विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ.सौरभ मालवीय जी से पिछले दिनों लखनऊ में भेंट हुई। इस मौके पर उन्होंने अपनी नई किताब 'श्रेष्ठ भारत- आत्मबोध से राष्ट्रबोध' की प्रति भेंट की। किताब शिल्पायन प्रकाशन, दिल्ली से छपी है।
बधाई!!
-प्रोफ़ेसर संजय द्विवेदी
“भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका मूल दायित्व स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना है। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े उसके निर्णयों का उद्देश्य लोकतंत्र की विश्वसनीयता और व्यापक राष्ट्रहित को मजबूत करना है।"
गाँधी व्यक्ति नहीं विचार हैं।
महात्मा गांधी जी की जयंती के पावन अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और राष्ट्रसेवा के विचार आज भी हम सभी को प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
जय हिन्द।
Inter University Centre for Teacher Education (IUCTE) अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र।
BHU, वाराणसी
निदेशक: प्रो. प्रेम नारायण सिंह जी एवं सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री श्रीमान अवनीश भटनागर जी, डॉ. प्रदीप जयसवाल जी क़े साथ सुखद अवसर।
भारतीय जनता पार्टी सामाजिक संतुलन, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी तथा संगठन से लेकर सरकार तक के समन्वय को ध्यान में रखते हुए विधान परिषद और राज्यसभा की सीटों के लिए व्यापक रणनीति बनाती है। भाजपा की राजनीति में संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व के बीच संतुलन को विशेष महत्व दिया जाता है। यही समन्वित दृष्टिकोण भाजपा को अन्य राजनीतिक दलों से अलग पहचान देता है और संगठन को लगातार विस्तार तथा मजबूती प्रदान करता है।
पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानवदर्शन जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी।
नमन।