सकारात्मक सोच
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सुप्रभात!
सकारात्मक सोच वास्तव में जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल देती है।
जब व्यक्ति सकारात्मक रहता है, तो उसके भीतर ऊर्जा का प्रवाह निरंतर बना रहता
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सुप्रभात!
सकारात्मक सोच वास्तव में जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल देती है।
जब व्यक्ति सकारात्मक रहता है, तो उसके भीतर ऊर्जा का प्रवाह निरंतर बना रहता है। इससे कार्य करने की गति भी बनी रहती है, मन प्रसन्न रहता है और स्वास्थ्य भी उत्तम रहता है। यही सकारात्मकता आगे चलकर लोकमंगल की भावना को भी प्रबल बनाती है, जिससे व्यक्ति केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी बनता है।
सकारात्मक सोच ही सफलता, स्वास्थ्य और समाजसेवा का मूल आधार है।
दिनांक-14-03-2026 से 15-03-2026 तक
सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुंड गोरखपुर में संपन्न हुई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), माननीय विजय उपाध्याय (संयोजक शिशु वाटिका), माननीय शैलेश सिंह जी (प्रांत मंत्री गोरक्ष प्रांत), श्री राम सिंह जी (शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के प्रदेश निरीक्षक), श्रीमती हीरा सिंह (सह क्षेत्रीय शिशु वाटिका प्रमुख) डाॅ. नीना अस्थाना (मंत्री,सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुण्ड गोरखपुर) तथा विभिन्न क्षेत्रों की शिशु वाटिका प्रमुख उपस्थिति रहीं।
मुख्य अतिथि सौरभ मालवीय जी ने शिशु वाटिका प्रांत प्रमुख एवं सह प्रांत प्रमुख बहनों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनके क्षेत्रीय प्रांतीय एवं विद्यालय की शिशु वाटिका में उनके दायित्वों के क्रियान्वयन, बच्चों की गतिविधियों के विवरणों पर विस्तृत समीक्षा की तथा उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत शिशु वाटिका में कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने नवीन सत्र के लिए शिशु वाटिका के विभिन्न दायित्वों एवं कार्य बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में शैलेश सिंह जी ने कहा कि शिशु वाटिका का आधार वाल्मीकि आश्रम शिक्षा पद्धति होना चाहिए तथा भरत, लव-कुश जैसे श्रेष्ठ बालकों का निर्माण होना चाहिए ,जिससे श्रेष्ठ समाज का निर्माण हो.
कार्यक्रम का समापन आभारज्ञापन एवं शांति मंत्र से हुआ।
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राहुल गाँधी का कांशीराम जी के प्रति अचानक प्रेम दिखाना एक राजनीतिक बयान है।
बहुजन आंदोलन के महान नेता कांशीराम का जीवन और संघर्ष सामाजिक न्याय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। उनके विचारों और कार्यों का सम्मान केवल बयान देने से नहीं बल्कि उनके सिद्धांतों को व्यवहार में लाने से माना जाता है।
नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार और योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में कांशीराम जी के नाम पर योजनाएँ, स्मारक और सम्मान के कार्य हुए, तब विपक्ष की ओर से उतनी सक्रियता नहीं दिखाई गई।
कांशीराम जी जैसे महान सामाजिक नेता का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए।
गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करना वास्तव में एक आध्यात्मिक सौभाग्य है।
यह मंदिर नाथ संप्रदाय के महान योगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि है और यहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
यह स्थान योग, तप और साधना की पवित्र भूमि माना जाता है।
नाथ परंपरा की गुरु-शिष्य परंपरा का यह प्रमुख केंद्र है।
यहाँ की आरती, धूना और अखंड ज्योति विशेष आस्था का केंद्र हैं।
“आज गोरखनाथ मंदिर में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
नाथ योगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि में उपस्थित होकर मन को अद्भुत शांति और दिव्य ऊर्जा का अनुभव हुआ।
गुरु की कृपा से जीवन में सेवा, साधना और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिली।”
चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी। 11 मार्च 2026
जनजातीय क्षेत्र में संस्कारयुक्त शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण के उद्देश्य से संचालित जनजातीय संस्कार केंद्र, चन्दन चौकी में बहनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने केंद्र की बहनों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार है। इनके संस्कार, परिश्रम और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना समाज को नई दिशा देने का कार्य करती है।
डॉ. मालवीय ने कहा कि संस्कार केंद्रों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्र की बहनों और बच्चों में शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बहनों को शिक्षा के साथ-साथ अपने पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर बहनों ने भी अपने अनुभव साझा किए और संस्कार केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ तथा सभी ने समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री मिथिलेश अवस्थी जी, प्रदेश निरीक्षक तथा श्री नरोत्तम जी उपस्थित रहें।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत ने अपनी संतुलित और दूरदर्शी नीति के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है।
चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी के जंगलों में सुबह की सैर सचमुच प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराती है। भारत-नेपाल सीमा के समीप बसे ये गांव हरियाली, शुद्ध हवा और शांत वातावरण से मन को आनंदित कर देते हैं.
प्रकृति की गोद में जीवन का सुख
लखीमपुर खीरी के चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह टहलना किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं लगता। सूर्योदय की पहली किरणें जब घने वृक्षों की पत्तियों से छनकर धरती पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण मानो स्वर्णिम आभा से भर उठता है।
भारत-नेपाल सीमा के आसपास बसे गांवों की सरलता और प्रकृति का सान्निध्य जीवन को एक अलग ही शांति देता है। यहां पक्षियों का मधुर कलरव, जंगलों की हरियाली और शुद्ध वायु मन और शरीर दोनों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
प्रकृति की गोद में बसे ये क्षेत्र हमें याद दिलाते हैं कि जीवन का वास्तविक सुख भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य और सरल जीवन में निहित है। चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह की सैर मन को प्रसन्न करती है और आत्मा को एक अद्भुत शांति का अनुभव कराती है।
Tuesday, March 17, 2026
सकारात्मक सोच
सुप्रभात!
सकारात्मक सोच वास्तव में जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल देती है।
जब व्यक्ति सकारात्मक रहता है, तो उसके भीतर ऊर्जा का प्रवाह निरंतर बना रहता है। इससे कार्य करने की गति भी बनी रहती है, मन प्रसन्न रहता है और स्वास्थ्य भी उत्तम रहता है। यही सकारात्मकता आगे चलकर लोकमंगल की भावना को भी प्रबल बनाती है, जिससे व्यक्ति केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी बनता है।
सकारात्मक सोच ही सफलता, स्वास्थ्य और समाजसेवा का मूल आधार है।
Monday, March 16, 2026
क्षेत्रीय शिशु वाटिका समीक्षा एवं योजना बैठक
दिनांक-14-03-2026 से 15-03-2026 तक
सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुंड गोरखपुर में संपन्न हुई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), माननीय विजय उपाध्याय (संयोजक शिशु वाटिका), माननीय शैलेश सिंह जी (प्रांत मंत्री गोरक्ष प्रांत), श्री राम सिंह जी (शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के प्रदेश निरीक्षक), श्रीमती हीरा सिंह (सह क्षेत्रीय शिशु वाटिका प्रमुख) डाॅ. नीना अस्थाना (मंत्री,सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुण्ड गोरखपुर) तथा विभिन्न क्षेत्रों की शिशु वाटिका प्रमुख उपस्थिति रहीं।
मुख्य अतिथि सौरभ मालवीय जी ने शिशु वाटिका प्रांत प्रमुख एवं सह प्रांत प्रमुख बहनों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनके क्षेत्रीय प्रांतीय एवं विद्यालय की शिशु वाटिका में उनके दायित्वों के क्रियान्वयन, बच्चों की गतिविधियों के विवरणों पर विस्तृत समीक्षा की तथा उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत शिशु वाटिका में कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने नवीन सत्र के लिए शिशु वाटिका के विभिन्न दायित्वों एवं कार्य बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में शैलेश सिंह जी ने कहा कि शिशु वाटिका का आधार वाल्मीकि आश्रम शिक्षा पद्धति होना चाहिए तथा भरत, लव-कुश जैसे श्रेष्ठ बालकों का निर्माण होना चाहिए ,जिससे श्रेष्ठ समाज का निर्माण हो.
कार्यक्रम का समापन आभारज्ञापन एवं शांति मंत्र से हुआ।
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टीवी पर लाइव
राहुल गाँधी का कांशीराम जी के प्रति अचानक प्रेम दिखाना एक राजनीतिक बयान है।
बहुजन आंदोलन के महान नेता कांशीराम का जीवन और संघर्ष सामाजिक न्याय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। उनके विचारों और कार्यों का सम्मान केवल बयान देने से नहीं बल्कि उनके सिद्धांतों को व्यवहार में लाने से माना जाता है।
नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार और योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में कांशीराम जी के नाम पर योजनाएँ, स्मारक और सम्मान के कार्य हुए, तब विपक्ष की ओर से उतनी सक्रियता नहीं दिखाई गई।
कांशीराम जी जैसे महान सामाजिक नेता का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए।
Sunday, March 15, 2026
गोरखनाथ मंदिर में दर्शन
गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करना वास्तव में एक आध्यात्मिक सौभाग्य है।
यह मंदिर नाथ संप्रदाय के महान योगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि है और यहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
यह स्थान योग, तप और साधना की पवित्र भूमि माना जाता है।
नाथ परंपरा की गुरु-शिष्य परंपरा का यह प्रमुख केंद्र है।
यहाँ की आरती, धूना और अखंड ज्योति विशेष आस्था का केंद्र हैं।
“आज गोरखनाथ मंदिर में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
नाथ योगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि में उपस्थित होकर मन को अद्भुत शांति और दिव्य ऊर्जा का अनुभव हुआ।
गुरु की कृपा से जीवन में सेवा, साधना और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिली।”
Saturday, March 14, 2026
संवाद कार्यक्रम आयोजित
चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी। 11 मार्च 2026
जनजातीय क्षेत्र में संस्कारयुक्त शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण के उद्देश्य से संचालित जनजातीय संस्कार केंद्र, चन्दन चौकी में बहनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने केंद्र की बहनों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार है। इनके संस्कार, परिश्रम और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना समाज को नई दिशा देने का कार्य करती है।
डॉ. मालवीय ने कहा कि संस्कार केंद्रों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्र की बहनों और बच्चों में शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बहनों को शिक्षा के साथ-साथ अपने पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर बहनों ने भी अपने अनुभव साझा किए और संस्कार केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ तथा सभी ने समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री मिथिलेश अवस्थी जी, प्रदेश निरीक्षक तथा श्री नरोत्तम जी उपस्थित रहें।
लेबल:
चित्र पेटिका से,
विद्या भारती,
विविध,
सम्मान
Friday, March 13, 2026
टीवी पर लाइव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत ने अपनी संतुलित और दूरदर्शी नीति के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है।
Thursday, March 12, 2026
प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य
चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी के जंगलों में सुबह की सैर सचमुच प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराती है। भारत-नेपाल सीमा के समीप बसे ये गांव हरियाली, शुद्ध हवा और शांत वातावरण से मन को आनंदित कर देते हैं.
प्रकृति की गोद में जीवन का सुख
लखीमपुर खीरी के चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह टहलना किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं लगता। सूर्योदय की पहली किरणें जब घने वृक्षों की पत्तियों से छनकर धरती पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण मानो स्वर्णिम आभा से भर उठता है।
भारत-नेपाल सीमा के आसपास बसे गांवों की सरलता और प्रकृति का सान्निध्य जीवन को एक अलग ही शांति देता है। यहां पक्षियों का मधुर कलरव, जंगलों की हरियाली और शुद्ध वायु मन और शरीर दोनों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
प्रकृति की गोद में बसे ये क्षेत्र हमें याद दिलाते हैं कि जीवन का वास्तविक सुख भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य और सरल जीवन में निहित है। चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह की सैर मन को प्रसन्न करती है और आत्मा को एक अद्भुत शांति का अनुभव कराती है।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
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डॉ. सौरभ मालवीय गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा क्षिप्रा, गोदावरी, कावेरी जैसी पवित्र नदियों के किनारे ही सम्पूर्ण विश्व को अपने ज्ञान से ...
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सौरभ मालवीय अनादिकाल से ही भारत में वैचारिक स्वतंत्रता प्रत्येक मनुष्य को प्राप्त रही है। प्राचीनकाल से ऋषियों, मनीषियों द्वारा समग्र जी...
संप्रति
डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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नमो-नमो.....आंखों ने जो देखा ! - अपन गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श राजनेता मानकर राजनीति में सक्रिय हैं। सादगी, शुचिता, विनम्रता, अध्ययनशीलता...ये सब गुण ऐसे हैं, जो ज्यादा आ...12 years ago
































