Monday, July 27, 2026

विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय विषय संयोजकों की बैठक सम्पन्न













लखनऊ। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय विषय संयोजकों की बैठक सरस्वती विद्या मंदिर, इंदिरानगर में सम्पन्न हुई। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने सभी विषय प्रमुखों के साथ उनके कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक विषय के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालयों में योजनाओं के सफल संचालन तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

बैठक में सभी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री श्री हेमचंद्र जी ने कहा कि विद्या भारती का मूल लक्ष्य संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने-अपने विषय का गहन अध्ययन करते हुए उसकी समुचित जानकारी प्राप्त करनी चाहिए तथा विद्यालयों में उसे प्रभावी ढंग से लागू करने का सतत प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सभी विषय प्रमुखों से संगठन की कार्ययोजनाओं को समयबद्ध एवं योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने का आह्वान किया।

बैठक में विभिन्न विषयों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी शैक्षिक सत्र के कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सभी विषय प्रमुखों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं एवं भावी कार्यों की पीपीटी प्रस्तुत की।

टीवी पर लाइव

  




Sunday, July 26, 2026

कार्यक्रम का समापन

  




बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ में 23–25 जुलाई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय "PRITHVI 2026 – The Palaeoscience Film Festival of India and National Dialogue on Earth Science Communication" का सफलतापूर्वक समापन हुआ। अंतिम सत्र में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हुआ.

 पृथ्वी विज्ञान और पुराविज्ञान को फिल्मों एवं जनसंवाद के माध्यम से आम लोगों तक पहुँचाना और विज्ञान संचार, मीडिया की भूमिका तथा जनभागीदारी पर राष्ट्रीय संवाद, पैनल चर्चा, कार्यशालाएँ और मास्टरक्लास का आयोजन हुआ.

 तीन दिवसीय सेमिनार एवं फिल्म महोत्सव विज्ञान, मीडिया और समाज के बीच संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है तथा विज्ञान संचार के क्षेत्र में एक नए मॉडल के रूप में  स्थापित होगा.

Friday, July 24, 2026

प्रांतीय विषय प्रमुखों की बैठक में शैक्षिक गुणवत्ता एवं भावी कार्ययोजना पर हुआ मंथन





लखनऊ, 24 जुलाई। भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में शुक्रवार को ममता सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, इंदिरानगर में प्रांतीय विषय प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा, विषयवार प्रगति का आकलन तथा आगामी शैक्षिक योजनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श करना था।

बैठक के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सौरभ मालवीय, मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश ने प्रांतीय विषय प्रमुखों एवं संयोजकों के साथ शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, संस्कारयुक्त शिक्षा तथा विषयगत नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि ऐसे चरित्रवान, राष्ट्रनिष्ठ एवं समाजोपयोगी विद्यार्थियों का निर्माण करना है, जो भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े हों। उन्होंने सभी विषय प्रमुखों से अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार, सतत समीक्षा एवं प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से सभी विषय प्रमुखों से उनके कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी योजनाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

बैठक में सुरेश सिंह, उत्तम कुमार मिश्र, अवधेश सिंह, गोपाल राम, अचल नारायण गिरि एवं मनीष शुक्ल सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय की प्रधानाचार्या निरुपमा सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं औपचारिक परिचय कराया।

बैठक का समापन शैक्षिक उत्कृष्टता, संस्कारनिष्ठ शिक्षा और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण के संकल्प के साथ सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।


Thursday, July 23, 2026

पॉडकास्ट

  


🎙️JoinDigiTalka विशेष पॉडकास्ट श्रृंखला 🌿
प्रस्तुत है :
डॉ. सौरभ मालवीय जी
अखिल भारतीय सह प्रचार प्रभारी, विद्या भारती
🎧 पूरे पॉडकास्ट को अभी सुनें Join DigiTalks के Spotify चैलनल पर : लिंक 👇
https://open.spotify.com/episode/6pmBMG4OOU2PHaxSIoeusF...

Monday, July 20, 2026

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं






राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, भारतीय संत परम्परा के संवाहक, मां भारती की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री आ. हेमचंद्र जी भाई साहब को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.

परमात्मा भी आकर कहे

   


पटना में एक बड़ी घटना हुई है. मैं उसका उल्लेख करना चाहता हूं. हमारे डॊ. कर्णसिंह पटना गए थे. मैं उनके भाषण के लिए उन्हें बधाई देना चाहता हूं. लेकिन मुझे दुख है कि वहां यह बात कही गई कि ’छुआछूत हिंदू धर्म का हिस्सा है.’ हम इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. छुआछूत एक पाप है, एक अभिशाप है, अस्पृश्यता एक कलंक है. जब तक यह कलंक हमारे माथे से नहीं मिटेगा, हम दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़े नहीं हो सकते. और मैं नहीं समझता ’हिंदू शास्त्र कहते हैं कि अस्पृश्यता चलनी चाहिए.’  अगर शास्त्रों की कोई ऐसी व्याख्या हुई है, तो वह गलत व्याख्या हुई है और हम उसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं. मैं एक कदम और आगे जाकर यह भी कहने के लिए तैयार हूं कि कल अगर परमात्मा भी आ जाए और कहे कि छुआछूत मानो, तो मैं ऐसे परमात्मा को भी मानने के लिए तैयार नहीं हूं. मगर परमात्मा ऐसा नहीं कर सकता और जो परमात्मा के भक्त बनते हैं, उनको भी ऐसी बात नहीं करनी चाहिए.

समाज के इस वर्ग को हमें विश्वास दिलाना होगा, आचरण और कृति से कि हम उन्हें बराबर का हकदार समझते हैं और उन्हें बराबर का स्थान देने के लिए तैयार हैं. इसके लिए अगर हमें अंधविश्वास से लड़ना होगा, तो हम लड़ेंगे. इसके लिए यदि रूढ़ियों के ऊपर वज्रपात करना आवश्यक होगा, तो हम करेंगे. यह तर्क का युग है, विज्ञान का युग है. आध्यात्मिकता की रक्षा करते हुए मानव और मानव के बीच में जो भेद की दीवारें खड़ी हुई हैं, उनको ढहाना होगा, और इसके लिए एक राष्ट्रीय अभियान की आवश्यकता है और इस अभियान का प्रारंभ गृहमंत्री के द्वारा होना चाहिए. मगर गृहमंत्री चतुराई से चुप रहते हैं, बोलते हैं, तो बहुत थोड़ा बोलते हैं, और जब देश उनसे इनीशियेटिव की आशा करता है, पहल की आशा करता है, तो वह थोड़ा-सा झिझकते हैं. यह झिझक छोड़ देनी चाहिए और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का पालन करना चाहिए. जो राष्ट्रीय प्रश्न है, उन प्रश्नों पर उन्हें सारे दलों का समर्थन मिलेगा. कम से कम हमारा समर्थन मिलेगा, यह हम विश्वास दिलाते हैं.
-डॉ. सौरभ मालवीय

(पुस्तक- 'राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी' से)
भारत की राष्‍ट्रीयता हिंदुत्‍व है