सिंहासन पर विराजने का अपना सुख है, किंतु सच्चा नेतृत्व सुख में नहीं, बल्कि दायित्वों के निर्वहन और जनकल्याण में निहित होता है।
सिंहासन पर विराजने का अपना सुख है, किंतु सच्चा नेतृत्व सुख में नहीं, बल्कि दायित्वों के निर्वहन और जनकल्याण में निहित होता है।
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