लखनऊ। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित शारदा प्रकाशन की पुस्तक लेखन कार्यशाला का आयोजन 21 अगस्त 2026 को किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय की गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि एक अच्छी पुस्तक केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों, संस्कारों और जीवन-मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त साधन है। पुस्तक लेखन में विषय की स्पष्टता, तथ्यात्मकता, भाषा की सरलता और प्रस्तुतीकरण की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साहित्य ऐसा हो जो पाठकों को ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें प्रेरणा दे और समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
उन्होंने लेखकों का आह्वान करते हुए कहा कि लेखन केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है। इसलिए लेखक उद्देश्यपूर्ण, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण साहित्य के सृजन को प्राथमिकता दें।
कार्यशाला में पुस्तक लेखन की गुणवत्ता, विषय-वस्तु की प्रभावशीलता, लेखन शैली तथा पाठकों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रेरणादायी एवं उपयोगी साहित्य के सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को पुस्तक लेखन की प्रक्रिया और उसके विभिन्न आयामों के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय जीवन-मूल्यों, संस्कारों और ज्ञान परंपरा को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण साहित्य के माध्यम से समाज तक पहुंचाने की दिशा में लेखकों को प्रेरित करना रहा।
श्रेष्ठ साहित्य • प्रेरणादायी विचार • संस्कारित समाज








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