80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से सम्पन्न
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बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर में
देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, राष्ट्रभक्ति एवं गरिमामय...
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बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, राष्ट्रभक्ति एवं गरिमामय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रध्वज फहराने एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। विद्यालय परिसर भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष तथा विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर जी के सुपुत्र श्री नीरज शेखर जी ने की। अतिथि परिचय विद्यालय के आचार्य श्री अरुण कुमार पाण्डेय जी ने कराया।
मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ मालवीय ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक, राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि कर्तव्यों के निर्वहन का भी संकल्प है। देश की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। आज की युवा पीढ़ी उस स्वतंत्रता की वास्तविक उत्तराधिकारी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा ही भारत के वर्तमान और भविष्य के निर्माता हैं। अपने ज्ञान, अनुशासन, परिश्रम, चरित्र एवं राष्ट्रनिष्ठा के बल पर वे भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का विद्यार्थी कल डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, प्रशासक, सैनिक, पत्रकार एवं विभिन्न क्षेत्रों का कुशल नेतृत्वकर्ता बनकर राष्ट्रसेवा करेगा। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री नीरज शेखर जी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि “देश के लिए जीना है, देश के लिए काम करना है और अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित में समर्पित करना है।” उन्होंने कहा कि आज के नौजवान छात्र ही देश के भविष्य हैं। आपमें से कोई डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक बनेगा तो कोई देश का सिपाही बनकर मातृभूमि की रक्षा करेगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बलिया संभाग के संभाग निदेशक श्री कन्हैया चौबे जी एवं विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक श्री संजय कुमार कश्यप जी, कोषाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश राय जी एवं सदस्य श्री शमशेर बहादुर सिंह जी सहित विद्यालय परिवार के आचार्यगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यालय के भैया-बहनों ने मनमोहक एवं देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई, चन्द्रशेखर आजाद एवं मंगल पाण्डेय जैसे महान क्रांतिकारियों के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय में राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्री मनोज कुमार स्थाना जी एवं आचार्य श्री चन्द्रप्रकाश जी ने किया। अंत में विद्यालय के प्रबंधक श्री संजय कुमार कश्यप जी ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों, आचार्यगण, भैया-बहनों एवं समस्त उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संस्कार एवं देश के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रहा। विद्यालय परिसर में गूंजते “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम्” के उद्घोष के साथ समारोह का समापन हुआ।
Saturday, August 15, 2026
80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से सम्पन्न
बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, राष्ट्रभक्ति एवं गरिमामय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रध्वज फहराने एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। विद्यालय परिसर भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष तथा विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर जी के सुपुत्र श्री नीरज शेखर जी ने की। अतिथि परिचय विद्यालय के आचार्य श्री अरुण कुमार पाण्डेय जी ने कराया।
मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ मालवीय ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक, राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि कर्तव्यों के निर्वहन का भी संकल्प है। देश की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। आज की युवा पीढ़ी उस स्वतंत्रता की वास्तविक उत्तराधिकारी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा ही भारत के वर्तमान और भविष्य के निर्माता हैं। अपने ज्ञान, अनुशासन, परिश्रम, चरित्र एवं राष्ट्रनिष्ठा के बल पर वे भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का विद्यार्थी कल डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, प्रशासक, सैनिक, पत्रकार एवं विभिन्न क्षेत्रों का कुशल नेतृत्वकर्ता बनकर राष्ट्रसेवा करेगा। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री नीरज शेखर जी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि “देश के लिए जीना है, देश के लिए काम करना है और अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित में समर्पित करना है।” उन्होंने कहा कि आज के नौजवान छात्र ही देश के भविष्य हैं। आपमें से कोई डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक बनेगा तो कोई देश का सिपाही बनकर मातृभूमि की रक्षा करेगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बलिया संभाग के संभाग निदेशक श्री कन्हैया चौबे जी एवं विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक श्री संजय कुमार कश्यप जी, कोषाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश राय जी एवं सदस्य श्री शमशेर बहादुर सिंह जी सहित विद्यालय परिवार के आचार्यगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यालय के भैया-बहनों ने मनमोहक एवं देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई, चन्द्रशेखर आजाद एवं मंगल पाण्डेय जैसे महान क्रांतिकारियों के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय में राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्री मनोज कुमार स्थाना जी एवं आचार्य श्री चन्द्रप्रकाश जी ने किया। अंत में विद्यालय के प्रबंधक श्री संजय कुमार कश्यप जी ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों, आचार्यगण, भैया-बहनों एवं समस्त उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संस्कार एवं देश के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रहा। विद्यालय परिसर में गूंजते “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम्” के उद्घोष के साथ समारोह का समापन हुआ।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
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डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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