रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में 9 से 11 जुलाई 2026 तक आयोजित विश्व रंग मंच के अंतर्गत हिन्दी पत्रकारिता विषयक तीन दिवसीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में देशभर से आए पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं शोधार्थियों ने हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की गौरवशाली यात्रा, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. सौरभ मालवीय ने "डिजिटल मीडिया और भारतीय ज्ञान परम्परा" विषय पर वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्यों को डिजिटल मीडिया के माध्यम से वैश्विक स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने तथ्यपरक, मूल्यनिष्ठ और समाजोन्मुख डिजिटल पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि तकनीक तभी सार्थक है, जब वह सत्य, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जुड़ी हो।
इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने की। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का सशक्त आधार बताते हुए बदलते मीडिया परिदृश्य में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका पर प्रकाश डाला। जयदीप करणीक अमर उजाला डिजिटल के संपादक, ने भी अपने विचार रखते हुए डिजिटल युग में विश्वसनीय पत्रकारिता, तथ्य-जांच और नई मीडिया तकनीकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
विश्व रंग, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं बौद्धिक पहल है, जो साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा और मीडिया के विविध आयामों पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद का प्रभावी मंच प्रदान करती है।
समापन सत्र में वक्ताओं ने हिन्दी पत्रकारिता को नई तकनीकों के साथ जोड़ते हुए उसकी विश्वसनीयता, जनपक्षधरता और सामाजिक उत्तरदायित्व को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री संतोष चौबे का सान्निध्य मिला।






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