स्नेहिल सानिध्य
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आदरणीय बड़े भाई एवं शुभेच्छु डॉ. सौरभ मालवीय जी (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या
भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय) का कल मेरे
ग्राम ...
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शोध विषय की अखिल भारतीय बैठक - लखनऊ
अखिल भारतीय विद्या भारती शिक्षा संस्थान
मा. गोविन्द जी महंत, राष्ट्रीय संगठन मंत्री
डॉ. नंदिनी जी, राष्ट्रीय शोध प्रमुख
श्री हेमचंद्र जी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री
“भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक शोध और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के समन्वय से एक ऐसा शिक्षा मॉडल प्रस्तुत करना जो न केवल ज्ञान का संवाहक हो, बल्कि चरित्र, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का आधार भी बने।”
यह दृष्टि संस्थान को केवल एक शैक्षणिक केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर भारतीयता के प्रचार का माध्यम बनाती है।
2. मिशन (Mission)
• भारतीय ज्ञान प्रणालियों (Indian Knowledge Systems – IKS) का संरक्षण, शोध, और समकालीन शिक्षा में एकीकरण।
• विद्यालयी और उच्च शिक्षा में मूल्य-आधारित, योग्यता-आधारित और प्रौद्योगिकी-सक्षम शोध मॉडल विकसित करना।
• शोध को नीति निर्माण, सामाजिक विकास, और शिक्षा सुधार से सीधे जोड़ना।
• विद्या भारती के शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को आधुनिक एवं पारंपरिक शोध पद्धतियों में प्रशिक्षित करना।
• भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना।
3. प्रमुख उद्देश्य (Core Objectives)
1. भारतीय दर्शन, वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान और लोककला जैसे विषयों पर प्रमाण-आधारित शोध।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न प्रावधानों के मैदान-स्तरीय प्रयोग और प्रभाव अध्ययन।
3. स्थानीय आवश्यकता एवं मूल्यों के अनुरूप पाठ्यचर्या, शिक्षण सामग्री और मूल्यांकन प्रणाली का विकास।
4. एआई, डिजिटल आर्काइविंग, और ई-लर्निंग जैसी आधुनिक शोध एवं शिक्षण तकनीकों का अपनाना।
5. शोध के निष्कर्षों को सरकारी नीतियों, सामाजिक सुधार कार्यक्रमों और विद्यालयी शिक्षा में लागू करना।
4. रिसर्च सेंटर के बुनियादी घटक
(a) दृष्टि, मिशन और उद्देश्य (Research Vision & Mission)
• दृष्टि: सेंटर का दीर्घकालिक सपना या लक्ष्य (जैसे—“टिकाऊ ऊर्जा पर अत्याधुनिक शोध करना”).
• मिशन: निकट भविष्य में कैसे काम करेगा, इसकी रूपरेखा.
• उद्देश्य: स्पष्ट और मापने योग्य लक्ष्य.
(b) संचालन एवं संगठनात्मक ढांचा
• सलाहकार परिषद: राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, नीति निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि।
• निदेशक/प्रमुख: संस्थान के प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन का नेतृत्व।
• शोध विभाग:
o भारतीय दर्शन एवं शिक्षा परंपरा
o आधुनिक शिक्षा एवं नीति अध्ययन
o तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा
o सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन
• प्रशासनिक इकाई: वित्त, मानव संसाधन, कानूनी, जनसंपर्क।
• सहयोगी प्रकोष्ठ: विश्वविद्यालय, उद्योग, सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संगठन।
(c) अवसंरचना एवं सुविधाएं
• भौतिक: शोध भवन, प्रयोगशालाएं, कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटलीकरण केंद्र।
• तकनीकी: हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, सर्वर, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल लाइब्रेरी।
• सुरक्षा: लैब सेफ्टी प्रोटोकॉल, फायर सेफ्टी, डेटा सुरक्षा प्रणाली।
(d) वित्त पोषण एवं प्रबंधन
• प्रारंभिक अनुदान – सरकारी योजनाएं, CSR, संस्थागत सहयोग।
• सतत वित्त स्रोत – प्रशिक्षण कार्यक्रम, परामर्श सेवाएं, प्रकाशन, उद्योग साझेदारी।
• पारदर्शी वित्त प्रबंधन – वार्षिक बजट, ऑडिट, फंड उपयोग रिपोर्ट।
(e) शोध के क्षेत्र
• स्पष्ट थीम और डोमेन।
• अल्पकालिक व दीर्घकालिक शोध रोडमैप।
• अंतर्विषयक दृष्टिकोण।
(f) मानव संसाधन
• मुख्य शोधकर्ता: विषय विशेषज्ञ, जिनका शोध में अच्छा रिकॉर्ड हो.
• शोध सहयोगी / फेलो: पोस्ट-डॉक, पीएचडी छात्र.
• तकनीकी स्टाफ: लैब टेक्नीशियन, डेटा एनालिस्ट.
• सहायक स्टाफ: प्रशासन, संचार, आईटी सपोर्ट.
(g) ज्ञान संसाधन
• लाइब्रेरी एवं डेटाबेस: Scopus, Web of Science, JSTOR जैसी पहुंच.
• डेटा भंडार: ओपन एक्सेस और आंतरिक डेटा.
• पेटेंट/IP प्रबंधन: बौद्धिक संपदा का पंजीकरण और संरक्षण.
(h) सहयोग एवं नेटवर्किंग
• विश्वविद्यालयों के साथ MoU: शोध आदान-प्रदान.
• उद्योग साझेदारी: संयुक्त R&D, तकनीकी हस्तांतरण.
• सरकारी एजेंसियां: नीति-स्तर पर शोध और अनुदान.
(i) शोध परिणाम एवं प्रसार
• प्रकाशन: जर्नल, कॉन्फ्रेंस पेपर, पुस्तकें.
• पेटेंट और प्रोटोटाइप.
• कार्यशालाएं और सम्मेलन: ज्ञान साझा करना.
• नीति संक्षेप (Policy Briefs): सरकार को सुझाव.
(j) निगरानी, मूल्यांकन एवं प्रभाव आकलन
• वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा.
• शोध का प्रभाव मापना (साइटेशन, पेटेंट, सामाजिक बदलाव).
• हितधारकों से फीडबैक.
(k) स्थायित्व एवं भविष्य तैयारी
• स्टाफ का नियमित कौशल उन्नयन.
• उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना.
• वित्त पोषण के स्रोतों का विविधीकरण.
5. विद्या भारती के विशेष शोध क्षेत्र
भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge Systems – IKS) का समावेश
• भारतीय दर्शन एवं शिक्षा परंपरा पर शोध: प्राचीन भारतीय शिक्षण पद्धतियों का दस्तावेजीकरण, संरक्षण और आधुनिक संदर्भ में उपयोग।
• पारंपरिक ज्ञान डिजिटल संग्रहालय: पांडुलिपियों, लोकज्ञान, और स्थानीय नवाचारों का डिजिटल आर्काइव।
• आधुनिक शिक्षा में प्रयोग: गुरुकुल पद्धति और आधुनिक शिक्षण विज्ञान का संयोजन।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के साथ तालमेल
• ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी विद्यालयों में NEP के क्रियान्वयन पर मॉडल शोध।
• मूल्य-आधारित और योग्यता-आधारित मूल्यांकन के स्वदेशी फ्रेमवर्क का विकास।
• बहुभाषी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन।
प्रौद्योगिकी-समर्थित भारतीय संदर्भ शोध
• एआई-संचालित पांडुलिपि विश्लेषण: संस्कृत एवं प्रादेशिक ग्रंथों का डिजिटलीकरण और अनुवाद।
• एडुटेक प्रयोगशालाएं: भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ में डिजिटल शिक्षा और गेम-आधारित लर्निंग का परीक्षण।
• वर्चुअल म्यूज़ियम एवं AR/VR: इतिहास, संस्कृति और पर्यावरण को immersive अनुभव में प्रस्तुत करना।
सामाजिक-सांस्कृतिक शोध प्रकोष्ठ
• मूल्य शिक्षा पर अध्ययन: नैतिक शिक्षा का विद्यार्थियों के व्यवहार पर प्रभाव।
• समुदाय आधारित ज्ञान प्रणालियां: कृषि, हस्तकला, और स्वास्थ्य में स्थानीय ज्ञान का अध्ययन।
• सांस्कृतिक स्थिरता: लोककला, बोलियों और विरासत को विद्यालय गतिविधियों के माध्यम से संरक्षित करना।
प्रमाण-आधारित नीति एवं पाठ्यचर्या विकास
• पाठ्यचर्या प्रयोगशालाएं: भारतीय ethos से युक्त पाठ्यपुस्तक, शिक्षण सामग्री और कहानियों का नवाचार।
• नीति थिंक टैंक: सरकार और शैक्षिक निकायों को सुझाव देना।
• प्रभाव अध्ययन: विद्या भारती के पूर्व विद्यार्थियों के सामाजिक योगदान का दीर्घकालिक विश्लेषण।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग
• AICTE, NCERT, IGNCA एवं अन्य शोध निकायों से साझेदारी।
• यूनेस्को के साथ अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर संयुक्त शोध।
• उद्योगों से कौशल-आधारित शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान के व्यावसायीकरण में सहयोग।
7. क्षमता निर्माण एवं शोध प्रशिक्षण
• द्विभाषी शोध पद्धति कार्यशालाएं (अंग्रेज़ी + हिंदी/संस्कृत शब्दावली)।
• एथ्नोग्राफिक रिसर्च (लोक परंपराओं का फील्ड डॉक्यूमेंटेशन) में प्रशिक्षण।
• एआई-आधारित लेखन और डेटा विश्लेषण में शिक्षकों और शोधार्थियों को दक्ष बनाना।
8. जनसंपर्क एवं प्रसार-
• वार्षिक भारतीय शोध सम्मेलन: शोध निष्कर्ष, छात्र प्रोजेक्ट, और सामुदायिक नवाचार प्रस्तुत करना।
• ओपन नॉलेज पोर्टल: शोध कार्यों को ओपन एक्सेस में उपलब्ध कराना।
• पॉडकास्ट, डॉक्यूमेंट्री और यूट्यूब व्याख्यान हिंदी एवं स्थानीय भाषाओं में।
6. संचालन तंत्र (Operational Framework)
• वार्षिक शोध योजना – प्राथमिकता वाले विषयों और परियोजनाओं का निर्धारण।
• थीम आधारित प्रोजेक्ट – भारतीय ज्ञान प्रणाली, शिक्षा सुधार, तकनीकी नवाचार।
• क्षमता निर्माण कार्यक्रम – शोध पद्धति, डेटा विश्लेषण, अकादमिक लेखन।
• साझेदारी – AICTE, NCERT, IGNCA, UNESCO, उद्योग संगठनों के साथ संयुक्त पहल।
• वित्त पोषण – अनुदान, CSR, उद्योग सहयोग, प्रशिक्षण/प्रकाशन से आय।
7. शोध परिणामों का प्रसार-
• उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र, पुस्तकें, नीति दस्तावेज।
• भारतीय शोध सम्मेलन और संगोष्ठियां।
• ओपन एक्सेस नॉलेज पोर्टल, मल्टीमीडिया सामग्री, पॉडकास्ट, डॉक्यूमेंट्री।
8. मूल्यांकन एवं प्रभाव आकलन-
• वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन और लक्ष्य समीक्षा।
• शोध के सामाजिक, शैक्षिक और नीति-स्तर के प्रभाव का मापन।
• फीडबैक आधारित सुधारात्मक योजनाएं।
9. भविष्य दृष्टि-
• जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, और AI नैतिकता जैसे नए विषयों पर शोध।
• वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रमाणीकरण और प्रसार के लिए डिजिटल नेटवर्क।
• संस्थान को भारतीयता में निहित, विश्व-स्तरीय शोध और नीति केंद्र के रूप में स्थापित करना।
Saturday, November 29, 2025
शोध विषय की अखिल भारतीय बैठक
शोध विषय की अखिल भारतीय बैठक - लखनऊ
अखिल भारतीय विद्या भारती शिक्षा संस्थान
मा. गोविन्द जी महंत, राष्ट्रीय संगठन मंत्री
डॉ. नंदिनी जी, राष्ट्रीय शोध प्रमुख
श्री हेमचंद्र जी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री
“भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक शोध और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के समन्वय से एक ऐसा शिक्षा मॉडल प्रस्तुत करना जो न केवल ज्ञान का संवाहक हो, बल्कि चरित्र, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का आधार भी बने।”
यह दृष्टि संस्थान को केवल एक शैक्षणिक केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर भारतीयता के प्रचार का माध्यम बनाती है।
2. मिशन (Mission)
• भारतीय ज्ञान प्रणालियों (Indian Knowledge Systems – IKS) का संरक्षण, शोध, और समकालीन शिक्षा में एकीकरण।
• विद्यालयी और उच्च शिक्षा में मूल्य-आधारित, योग्यता-आधारित और प्रौद्योगिकी-सक्षम शोध मॉडल विकसित करना।
• शोध को नीति निर्माण, सामाजिक विकास, और शिक्षा सुधार से सीधे जोड़ना।
• विद्या भारती के शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को आधुनिक एवं पारंपरिक शोध पद्धतियों में प्रशिक्षित करना।
• भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना।
3. प्रमुख उद्देश्य (Core Objectives)
1. भारतीय दर्शन, वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान और लोककला जैसे विषयों पर प्रमाण-आधारित शोध।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न प्रावधानों के मैदान-स्तरीय प्रयोग और प्रभाव अध्ययन।
3. स्थानीय आवश्यकता एवं मूल्यों के अनुरूप पाठ्यचर्या, शिक्षण सामग्री और मूल्यांकन प्रणाली का विकास।
4. एआई, डिजिटल आर्काइविंग, और ई-लर्निंग जैसी आधुनिक शोध एवं शिक्षण तकनीकों का अपनाना।
5. शोध के निष्कर्षों को सरकारी नीतियों, सामाजिक सुधार कार्यक्रमों और विद्यालयी शिक्षा में लागू करना।
4. रिसर्च सेंटर के बुनियादी घटक
(a) दृष्टि, मिशन और उद्देश्य (Research Vision & Mission)
• दृष्टि: सेंटर का दीर्घकालिक सपना या लक्ष्य (जैसे—“टिकाऊ ऊर्जा पर अत्याधुनिक शोध करना”).
• मिशन: निकट भविष्य में कैसे काम करेगा, इसकी रूपरेखा.
• उद्देश्य: स्पष्ट और मापने योग्य लक्ष्य.
(b) संचालन एवं संगठनात्मक ढांचा
• सलाहकार परिषद: राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, नीति निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि।
• निदेशक/प्रमुख: संस्थान के प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन का नेतृत्व।
• शोध विभाग:
o भारतीय दर्शन एवं शिक्षा परंपरा
o आधुनिक शिक्षा एवं नीति अध्ययन
o तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा
o सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन
• प्रशासनिक इकाई: वित्त, मानव संसाधन, कानूनी, जनसंपर्क।
• सहयोगी प्रकोष्ठ: विश्वविद्यालय, उद्योग, सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संगठन।
(c) अवसंरचना एवं सुविधाएं
• भौतिक: शोध भवन, प्रयोगशालाएं, कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटलीकरण केंद्र।
• तकनीकी: हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, सर्वर, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल लाइब्रेरी।
• सुरक्षा: लैब सेफ्टी प्रोटोकॉल, फायर सेफ्टी, डेटा सुरक्षा प्रणाली।
(d) वित्त पोषण एवं प्रबंधन
• प्रारंभिक अनुदान – सरकारी योजनाएं, CSR, संस्थागत सहयोग।
• सतत वित्त स्रोत – प्रशिक्षण कार्यक्रम, परामर्श सेवाएं, प्रकाशन, उद्योग साझेदारी।
• पारदर्शी वित्त प्रबंधन – वार्षिक बजट, ऑडिट, फंड उपयोग रिपोर्ट।
(e) शोध के क्षेत्र
• स्पष्ट थीम और डोमेन।
• अल्पकालिक व दीर्घकालिक शोध रोडमैप।
• अंतर्विषयक दृष्टिकोण।
(f) मानव संसाधन
• मुख्य शोधकर्ता: विषय विशेषज्ञ, जिनका शोध में अच्छा रिकॉर्ड हो.
• शोध सहयोगी / फेलो: पोस्ट-डॉक, पीएचडी छात्र.
• तकनीकी स्टाफ: लैब टेक्नीशियन, डेटा एनालिस्ट.
• सहायक स्टाफ: प्रशासन, संचार, आईटी सपोर्ट.
(g) ज्ञान संसाधन
• लाइब्रेरी एवं डेटाबेस: Scopus, Web of Science, JSTOR जैसी पहुंच.
• डेटा भंडार: ओपन एक्सेस और आंतरिक डेटा.
• पेटेंट/IP प्रबंधन: बौद्धिक संपदा का पंजीकरण और संरक्षण.
(h) सहयोग एवं नेटवर्किंग
• विश्वविद्यालयों के साथ MoU: शोध आदान-प्रदान.
• उद्योग साझेदारी: संयुक्त R&D, तकनीकी हस्तांतरण.
• सरकारी एजेंसियां: नीति-स्तर पर शोध और अनुदान.
(i) शोध परिणाम एवं प्रसार
• प्रकाशन: जर्नल, कॉन्फ्रेंस पेपर, पुस्तकें.
• पेटेंट और प्रोटोटाइप.
• कार्यशालाएं और सम्मेलन: ज्ञान साझा करना.
• नीति संक्षेप (Policy Briefs): सरकार को सुझाव.
(j) निगरानी, मूल्यांकन एवं प्रभाव आकलन
• वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा.
• शोध का प्रभाव मापना (साइटेशन, पेटेंट, सामाजिक बदलाव).
• हितधारकों से फीडबैक.
(k) स्थायित्व एवं भविष्य तैयारी
• स्टाफ का नियमित कौशल उन्नयन.
• उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना.
• वित्त पोषण के स्रोतों का विविधीकरण.
5. विद्या भारती के विशेष शोध क्षेत्र
भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge Systems – IKS) का समावेश
• भारतीय दर्शन एवं शिक्षा परंपरा पर शोध: प्राचीन भारतीय शिक्षण पद्धतियों का दस्तावेजीकरण, संरक्षण और आधुनिक संदर्भ में उपयोग।
• पारंपरिक ज्ञान डिजिटल संग्रहालय: पांडुलिपियों, लोकज्ञान, और स्थानीय नवाचारों का डिजिटल आर्काइव।
• आधुनिक शिक्षा में प्रयोग: गुरुकुल पद्धति और आधुनिक शिक्षण विज्ञान का संयोजन।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के साथ तालमेल
• ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी विद्यालयों में NEP के क्रियान्वयन पर मॉडल शोध।
• मूल्य-आधारित और योग्यता-आधारित मूल्यांकन के स्वदेशी फ्रेमवर्क का विकास।
• बहुभाषी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन।
प्रौद्योगिकी-समर्थित भारतीय संदर्भ शोध
• एआई-संचालित पांडुलिपि विश्लेषण: संस्कृत एवं प्रादेशिक ग्रंथों का डिजिटलीकरण और अनुवाद।
• एडुटेक प्रयोगशालाएं: भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ में डिजिटल शिक्षा और गेम-आधारित लर्निंग का परीक्षण।
• वर्चुअल म्यूज़ियम एवं AR/VR: इतिहास, संस्कृति और पर्यावरण को immersive अनुभव में प्रस्तुत करना।
सामाजिक-सांस्कृतिक शोध प्रकोष्ठ
• मूल्य शिक्षा पर अध्ययन: नैतिक शिक्षा का विद्यार्थियों के व्यवहार पर प्रभाव।
• समुदाय आधारित ज्ञान प्रणालियां: कृषि, हस्तकला, और स्वास्थ्य में स्थानीय ज्ञान का अध्ययन।
• सांस्कृतिक स्थिरता: लोककला, बोलियों और विरासत को विद्यालय गतिविधियों के माध्यम से संरक्षित करना।
प्रमाण-आधारित नीति एवं पाठ्यचर्या विकास
• पाठ्यचर्या प्रयोगशालाएं: भारतीय ethos से युक्त पाठ्यपुस्तक, शिक्षण सामग्री और कहानियों का नवाचार।
• नीति थिंक टैंक: सरकार और शैक्षिक निकायों को सुझाव देना।
• प्रभाव अध्ययन: विद्या भारती के पूर्व विद्यार्थियों के सामाजिक योगदान का दीर्घकालिक विश्लेषण।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग
• AICTE, NCERT, IGNCA एवं अन्य शोध निकायों से साझेदारी।
• यूनेस्को के साथ अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर संयुक्त शोध।
• उद्योगों से कौशल-आधारित शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान के व्यावसायीकरण में सहयोग।
7. क्षमता निर्माण एवं शोध प्रशिक्षण
• द्विभाषी शोध पद्धति कार्यशालाएं (अंग्रेज़ी + हिंदी/संस्कृत शब्दावली)।
• एथ्नोग्राफिक रिसर्च (लोक परंपराओं का फील्ड डॉक्यूमेंटेशन) में प्रशिक्षण।
• एआई-आधारित लेखन और डेटा विश्लेषण में शिक्षकों और शोधार्थियों को दक्ष बनाना।
8. जनसंपर्क एवं प्रसार-
• वार्षिक भारतीय शोध सम्मेलन: शोध निष्कर्ष, छात्र प्रोजेक्ट, और सामुदायिक नवाचार प्रस्तुत करना।
• ओपन नॉलेज पोर्टल: शोध कार्यों को ओपन एक्सेस में उपलब्ध कराना।
• पॉडकास्ट, डॉक्यूमेंट्री और यूट्यूब व्याख्यान हिंदी एवं स्थानीय भाषाओं में।
6. संचालन तंत्र (Operational Framework)
• वार्षिक शोध योजना – प्राथमिकता वाले विषयों और परियोजनाओं का निर्धारण।
• थीम आधारित प्रोजेक्ट – भारतीय ज्ञान प्रणाली, शिक्षा सुधार, तकनीकी नवाचार।
• क्षमता निर्माण कार्यक्रम – शोध पद्धति, डेटा विश्लेषण, अकादमिक लेखन।
• साझेदारी – AICTE, NCERT, IGNCA, UNESCO, उद्योग संगठनों के साथ संयुक्त पहल।
• वित्त पोषण – अनुदान, CSR, उद्योग सहयोग, प्रशिक्षण/प्रकाशन से आय।
7. शोध परिणामों का प्रसार-
• उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र, पुस्तकें, नीति दस्तावेज।
• भारतीय शोध सम्मेलन और संगोष्ठियां।
• ओपन एक्सेस नॉलेज पोर्टल, मल्टीमीडिया सामग्री, पॉडकास्ट, डॉक्यूमेंट्री।
8. मूल्यांकन एवं प्रभाव आकलन-
• वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन और लक्ष्य समीक्षा।
• शोध के सामाजिक, शैक्षिक और नीति-स्तर के प्रभाव का मापन।
• फीडबैक आधारित सुधारात्मक योजनाएं।
9. भविष्य दृष्टि-
• जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, और AI नैतिकता जैसे नए विषयों पर शोध।
• वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रमाणीकरण और प्रसार के लिए डिजिटल नेटवर्क।
• संस्थान को भारतीयता में निहित, विश्व-स्तरीय शोध और नीति केंद्र के रूप में स्थापित करना।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
विषय
- Dr. Sourabh Malviya
- English
- Faculty development programme
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- आधी आबादी
- उत्तर प्रदेश चुनाव- 2022
- एकात्म मानवदर्शन
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- पुस्तक
- पुस्तक- अंत्योदय को साकार करता उत्तर प्रदेश
- पुस्तक- भारत बोध
- पुस्तक- भारतीय पत्रकारिता के स्वर्णिम हस्ताक्षर
- पुस्तक- भारतीय राजनीति के महानायक नरेन्द्र मोदी
- पुस्तक- राष्ट्रवाद और मीडिया
- पुस्तक- राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी
- पुस्तक- विकास के पथ पर भारत
- पुस्तक- श्रेष्ठ भारत आत्मबोध से राष्ट्रबोध
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- मेरी पुस्तकें
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- सम्मान
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- संस्कृति
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- सूचना
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मेरे बलॊग
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संप्रति
डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
***
डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
जिन्हें पढ़ता हूं
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शहर, कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी - “पॉटी उठाना शर्म नहीं, संस्कार है, शहर की सड़कों पर पॉटी नहीं, जिम्मेदारी चाहिए” भारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और यह ...6 months ago
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नमो-नमो.....आंखों ने जो देखा ! - अपन गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श राजनेता मानकर राजनीति में सक्रिय हैं। सादगी, शुचिता, विनम्रता, अध्ययनशीलता...ये सब गुण ऐसे हैं, जो ज्यादा आ...12 years ago










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