यहां सुकून है शान्ति है और आनन्द है
अमरकण्टक प्रवास पर हूं. यहां के खूबसूरत झरने, पवित्र नदियां, ऊंची पहाड़ियों और शांत वातावरण मंत्रमुग्ध करने वाला है, चारों ओर टीक और महुआ के गगन चुम्बी पेड़ हैं. अमरकंटक से माता नर्मदा और सोन नदी की उत्पत्ति हुई है. भगवान शिव की पुत्री नर्मदा जीवनदायिनी नदी रूप में यहां से बहती है. मुझे दर्शन का अवसर मिला है. कुछ दिनों तक आप सभी को भी यहां के बारे में बताने का प्रयास करूंगा.
'श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध' का अवलोकन
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मेरे द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का उत्तर
प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी द्वारा
आत्मीय...




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