Saturday, January 10, 2026

मेला सेवा ऐप लॉन्च


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी 2026 को जनपद प्रयागराज में आहूत एक बैठक में माघ मेला-2026 के आगामी स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने माघ मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी तत्परता व लगन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 14 से 18 जनवरी के बीच कम समय में दो महत्वपूर्ण स्नान पर्वों को सकुशल सम्पन्न कराना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए अभी से सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी व तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए स्नान पर्वों को सकुशल सम्पन्न करायें। उन्होंने पौष पूर्णिमा स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए माघ मेले के आयोजन से जुड़े अधिकारियों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि मेले में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रहे। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए घाटों के स्नान क्षेत्र व सर्कुलेटिंग एरिया को और बढ़ाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकें तथा उन्हें स्नान करने में कोई समस्या न हो। मुख्य स्नान पर्वों पर संगम नोज पर अत्यधिक दबाव रहेगा, जिसके दृष्टिगत पहले से ही सभी आवश्यक प्रबन्ध कर लिए जाएं। कोई भी श्रद्धालु कपड़े, प्लास्टिक थैली अथवा पूजा सामग्री गंगा जी में न फेंके तथा स्नान के समय साबुन इत्यादि का इस्तेमाल न करे, जिससे जल की स्वच्छता बनी रहे और सभी स्नानार्थी स्वच्छ एवं निर्मल जल में आस्था की पावन डुबकी लगा सकें।

उन्होंने ठंड के मौसम के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में अलाव की व्यवस्था तथा जरूरतमंदों को कम्बल वितरित करने के निर्देश दिए। मेले में आने वाले संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थियों के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अच्छा व्यवहार करें। किसी भी दशा में रोड पर अतिक्रमण न होने पाये। रोड व पाथ-वे को खुला रखा जाए, जिससे माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

उन्होंने मुख्य स्नान पर्वों के दृष्टिगत बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक भीड़ का दबाव होने पर सीमावर्ती जनपदों में होल्डिंग एरिया में उनके ठहरने के प्रबंध किए जाएं। सभी सम्बन्धित अधिकारी प्रमुख स्नान पर्वों पर मेले की मॉनीटरिंग करें तथा पुलिस विभाग श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु नियमित रूप से पेट्रोलिंग करे। मेले में कहीं पर भी मादक पदार्थों की बिक्री न होने पाए तथा कोई भी अराजक तत्व मेले में अराजकता न फैलाने पाए, इस पर पुलिस विभाग निरन्तर कड़ी निगरानी रखे। 

उन्होंने कहा कि माघ मेले से जुड़े स्वच्छाग्रहियों के मानदेय का समय से भुगतान तथा उन्हें अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। साथ ही, उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने अनावश्यक एवं अवैध रूप से लगी होर्डिंगों को हटाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं द्वारा जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का स्मारक बनाए जाने का अनुरोध किया गया है। प्रयागराज अनेक ऋषियों, मुनियों, महात्माओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बैठक में जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का भव्य स्मारक बनाए जाने हेतु प्रशासन को जमीन चिन्हीकरण सहित अन्य आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री जी को अपने प्रस्तावों व सुझावों से अवगत कराया। मंडलायुक्त प्रयागराज ने मुख्यमंत्री जी को माघ मेले के आयोजन की तैयारियों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक के पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने माघ मेला-2026 के लिए तैयार किए गए ‘मेला सेवा ऐप’ को लॉन्च किया। इस ऐप के क्यूआर कोड को स्कैन करके श्रद्धालु अपनी जरूरतों व सुझावों का साझा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले संगम नोज पहुंचकर वहां पर स्नान किया तथा पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ त्रिवेणी से माघ मेला-2026 के सकुशल सम्पन्न होने की मंगल कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री जी ने बड़े हनुमान जी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज में निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध व मानक के अनुसार पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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