आज लखनऊ विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मालवीय जी से सुखद मुलाकात. इस अवसर पर उन्होंने अपनी पुस्तक 'अंत्योदय को साकार करता उत्तर प्रदेश' भेंट की.
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
टीवी पर लाइव
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श्री सोमनाथ मंदिर को सनातन धर्म का एक प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
आदि ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता
है।
अखंड आस...
शहर, कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी
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“पॉटी उठाना शर्म नहीं, संस्कार है, शहर की सड़कों पर पॉटी नहीं, जिम्मेदारी
चाहिए” भारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और
यह ...
नमो-नमो.....आंखों ने जो देखा !
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अपन गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श राजनेता मानकर राजनीति में
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ज्यादा आ...
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