संस्कार और संस्कृति का केंद्र गाँव
मेरे घर की शोभा गाय और घर के सामने मंदिर।
नानी के घर की सुखद स्मृति
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गर्मी की छुट्टियाँ आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। स्कूलों की घंटियों
की जगह अब सुबह की ठंडी हवा, आम के पेड़ों की छांव और खेलकूद की मस्ती ले लेती
ह...



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