जिन दीपों ने हमें जलाया था आज उन्ही के गुण गाते है
और उन्ही के पद चिन्हों पर चल कर के चलते जाते है
अंधकार का वक्ष चिर कर नूतन पथ दर्शन करते है
अरे विश्व तू भूल न जाना दीप नहीं जीवन जलते है
नानी के घर की सुखद स्मृति
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गर्मी की छुट्टियाँ आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। स्कूलों की घंटियों
की जगह अब सुबह की ठंडी हवा, आम के पेड़ों की छांव और खेलकूद की मस्ती ले लेती
ह...



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