Friday, January 16, 2015

देशी क्रांति यज्ञ



7 अक्टूबर 1905 को पुणे शहर में विलायती वस्त्रों के होली दहन का,तेज पुंज राष्ट्र भक्ति का और निष्ठावान जनशक्ति का प्रतिक यह पवित्र स्मारक।  
 20 वी सदी के आरम्भ में भारत वर्ष पर अंग्रेज शासन का अत्याचारी राज चल रहा था।  अंग्रेज शासन की दमनकारी और कुटिल राजनीति के विरोध में सम्पूर्ण भारत में स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति ज्वालायें भड़क उठी थी।  राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत अनेक क्रांतिवीर भारत माता की सौगंध खाकर उस स्वतंत्रता यज्ञ में सम्मिलित हुए थे।  इन्ही में से एक तेजस्वी राष्ट्र भक्त स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर।

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भारत की राष्‍ट्रीयता हिंदुत्‍व है