मेरा सौभाग्य रहा है कि छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में कार्यदायित्व और अनेक वरिष्ठ प्रचारक का मार्गदर्शन मिलता रहा है। ऐसे ही मेरे आदरणीय श्रीमान अशोक जी बेरी आज भोपाल में। सुखद क्षण।
नानी के घर की सुखद स्मृति
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गर्मी की छुट्टियाँ आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। स्कूलों की घंटियों
की जगह अब सुबह की ठंडी हवा, आम के पेड़ों की छांव और खेलकूद की मस्ती ले लेती
ह...



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