भारत ग्रामों का देश है। यहां की अधिकांश जनसंख्या गांवों में ही निवास करती है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश की जनसंख्या एक अरब 21 करोड़ है। इसमें 83 करोड़ 31 लाख ग्रामीण और 37 करोड़ 71 लाख शहरी जनसंख्या है। पिछले एक दशक में ग्रामीण जनसंख्या में नौ करोड़ चार लाख 70 हजार और शहरी में नौ करोड़ 10 लाख की बढ़ोत्तरी हुई है। देश की जनसंख्या का 68.84 प्रतिशत भाग ग्रामीण और 31.16 प्रतिशत शहरी है। सर्वाधिक 89.96 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या हिमाचल प्रदेश में और सबसे अधिक 97.50 प्रतिशत शहरी जनसंख्या दिल्ली में है। इतना ही नहीं, हमारी अर्थव्यवस्था भी कृषि पर आधारित है। घटती कृषि भूमि और बेरोजगारी के कारण लोग गांवों से पलायन करके शहरों में आकर बस रहे हैं। इसके कारण शहरों पर जनसंख्या का दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति न गांवों के लिए अच्छी है और न ही शहरों के लिए अच्छी है। ऐसे में आवश्यक है कि गांवों का विकास किया जाए और ग्रामीणों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जनसंख्या का पलायन रुक सके।
केन्द्र सरकार गांव और ग्रामीणों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत 14 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल, 2016 तक ग्राम उदय से भारत उदय अभियान का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के महू में इस अभियान का शुभारंभ किया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने समाज में अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने समानता और सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि विकास की पहलों को ग्रामीण विकास पर केंद्रित होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कि विकास की पहलों को ग्रामीण विकास पर केंद्रित होना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा की गई कुछ महत्वपूर्ण विकास पहलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 1000 दिनों की समय सीमा के भीतर उन 18000 गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है, जो बिजली की सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि ‘गर्व’ एप के जरिये लोग इस लक्ष्य की प्राप्ति में हो रही प्रगति का अवलोकन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीणों की क्रय क्षमता को निश्चित तौर पर बढ़ाना है, क्योंकि इससे भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज से जुड़े संस्थानों को और ज्यादा मजबूत एवं ज्यादा जीवंत बनाया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार राज्यों और पंचायतों के सहयोग से आयोजित ग्राम उदय से भारत उदय अभियान पंचायती राज दिवस अर्थात 24 अप्रैल तक चला। इस अभियान का लक्ष्य देश के समस्त गांवों में पंचायती राज वय व्यवस्था को सुदृढ़ करके सामाजिक सद्भाव बढ़ाने, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने, किसानों की प्रगति और गरीब लोगों की जीविका के लिए राष्ट्रव्यापी प्रयास करना है। इस अभियान के अंतर्गत 14 से 16 अप्रैल के मध्य सभी ग्राम पंचायतों में पंचायती राज मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से एक ‘सामाजिक समरसता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की शिक्षाओं के आलोक में सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों ने ग्रामीणों को सामाजिक न्याय को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित सूचना उपलब्ध कराई। इसके पश्चात 17 से 20 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों में ग्राम किसान सभाओं का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य कृषि को बढ़ावा देना है। इन सभाओं में कृषि से संबंधित सरकार की योजनाओं के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई गई। किसानों की समस्याओं के बारे में भी चर्चा की गई। देश भर में 21, 22, 23 और 24 अप्रैल को ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन किया गया। इस दिन गांवों में प्रभातफेरियां निकाली गईं, स्वच्छता पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बताया गया कि स्वच्छता क्यों आवश्यक है। इसके अतिरिक्त खेलकूद की स्पर्धाएं भी हुईं। समारोह के अंत में रंगारंग सासंकृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय है कि इस ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान स्थानीय आर्थिक विकास के लिए ग्राम पंचायत विकास योजनाएं, पंचायती राज संस्थाओं को मिलने वाली राशि के समुचित उपयोग के लिए उपलब्ध निधियों, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता, ग्राम एवं ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों, दिव्यांग व अन्य हाशिये पर रहने वाले वर्गों के कल्याण आदि विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। पंचायती राज दिवस पर 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड के जमशेदपुर में इसके समापन समारोह को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास के सरकार के संकल्प को दोहराया।
केन्द्र सरकार की किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और ग्राम स्तर पर आधारभूत ढांचे के उन्नयन संबंधी कार्यक्रमों को सफलता भी मिल रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ गांव के सभी पात्रों तक पहुंचना चाहिए। ग्रामीणों की समृद्धि से गांवों में विकास का उजियाला आएगा और इससे देश भी प्रकाशमान होगा।
(डॉ सौरभ मालवीय की पुस्तक- 'विकास के पथ पर भारत' से)




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