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वन्देमातरम!!
“पश्चिम बंगाल में रामराज्य स्थापित होगा।
रक्त-रंजीत बंगाल अब समृद्ध, सुरक्षित और भयमुक्त होगा।
सांस्कृतिक गौरव, सुशासन और विकास के नए युग का...
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शोध संस्थान के सम्मानित अधिकारी गणों की बैठक -लखनऊ कार्यालय निरालानगर में सम्पन्न.
विद्या भारती विद्यालयों तथा विद्यार्थियों का भावनात्मक, सामाजिक प्रभाव, भारतीय शिक्षा दर्शन एवं मनोविज्ञान के आधार पर शिक्षण पद्धतियों के परिणाम पर भारतीय शिक्षा शोध संस्थान ने शोध नीति की बैठक में श्रीमान गोविन्द जी, श्रीमान देशराज जी, मा. यतीन्द्र जी, आ. हेमचन्द्र जी सहित सदस्य गण.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का प्रमुख मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” है।
अपने देश में AI समिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम हो रहा, तब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का विरोध आयोजन स्थल पर अनुचित व्यवहार करने जैसा था, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा धूमिल हुई। कांग्रेस ने देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के बजाय आयोजन में विघ्न उत्पन्न किया और कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय हित के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देती है.
कांग्रेस पार्टी ने ऐसा विरोध किया जो भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने जैसा था, खासकर जब वैश्विक नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक यहाँ आए हुए हैं.
भारत की जनता भली-भांति समझती है कि कौन देश को सशक्त बनाना चाहता है और कौन बार-बार देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है.
भारत में सभी मतावलम्बी समान रूप से भारतीय हैं। भारतीय संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार और सुरक्षा दी है। यही कारण है कि अनेक वैश्विक संघर्षों के बावजूद भारत में सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत बना हुआ है।
ऐतिहासिक दृष्टि से देखें तो भारत में इस्लाम का आगमन कई मार्गों से हुआ – व्यापार, सूफी संतों की शिक्षाओं, और विभिन्न कालखंडों के राजनीतिक परिवर्तनों के माध्यम से। इतिहासकार मानते हैं कि भारत के अधिकांश मुसलमानों के पूर्वज यहीं के मूल निवासी थे, जिन्होंने अलग-अलग समय पर इस्लाम स्वीकार किया।
किसी भी भारतीय की राष्ट्रीयता उसके धर्म से तय नहीं होती।
आस्था व्यक्तिगत विषय है, राष्ट्र सर्वोपरि सामूहिक विषय है।
सामाजिक समरसता तभी बनी रहती है जब हम अतीत को समझें, लेकिन वर्तमान में परस्पर सम्मान बनाए रखें। साथ ही समयानुसार अतीत को स्वीकार कर सकते.
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लखनऊ महानगर द्वारा परम पूज्य सर संघचालक मोहन भागवत जी के सान्निध्य में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में प्रतिभाग किया।
टाइम्स नाऊ नवभारत द्वारा लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम "विकसित उत्तर प्रदेश" के स्पेशल शो 'राष्ट्रवाद' में अपनी बात रखते हुए.
शिवाजी महाराज राष्ट्रनायक हैं, जिन्होंने स्वराज और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की।
टीपू सुल्तान को शिवाजी के समकक्ष रखना ऐतिहासिक दृष्टि से उचित नहीं है।
लखनऊ। दिव्य प्रेम सेवा मिशन (हरिद्वार) के शिल्पकार संत स्वरूप श्री आशीष गौतम जी से आज लखनऊ स्थित कुशीनगर के विधायक श्री पी. एन. पाठक जी के सरकारी आवास पर आत्मीय भेंट हुई। इस अवसर पर दिव्य सेवा संस्थान के सेवा कार्यों एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण एवं लोकमंगल से जुड़े विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया गया। संत स्वरूप आशीष गौतम जी ने दिव्य सेवा प्रेम मिशन द्वारा संचालित सेवा परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आगामी आयोजनों एवं जनजागरण अभियानों की जानकारी भी साझा की।
विधायक पी एन पाठक जी ने संस्थान के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए ऐसे संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर शहर के अनेक प्रमुख नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने दिव्य सेवा संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के क्रम में जनपद कुशीनगर के कसया स्थित राजकीय आलू फार्म पर केला टिशू कल्चर लैब की स्थापना की जा रही है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 13 फरवरी 2026 को लखनऊ में बताया कि इस परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कुल 401.75 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 223.54 लाख रुपये निर्माण कार्य और 178.21 लाख रुपये मशीनरी व उपकरणों के लिए आवंटित किए गये हैं। इस लैब की स्थापना से क्षेत्र के केला उत्पादक किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले रोगमुक्त पौधे स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जनपद कुशीनगर में केले की खेती को वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसानों को उन्नत टिशू कल्चर पौधों के लिए अन्य राज्यों या दरूस्थ क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे परिवहन के दौरान पौधों के खराब होने का डर और अधिक व्यय होता था। अब स्थानीय स्तर पर लैब स्थापित होने से किसानों को समय पर स्वस्थ और अधिक उपज देने वाली प्रजातियों के पौधे प्राप्त होंगे। यह लैब न केवल केले की गुणवत्ता में सुधार करेगी, बल्कि निर्यात योग्य फसल तैयार करने में भी सहायक सिद्ध होगी, जिससे एक जनपद एक उत्पाद अभियान को भी नई गति मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंपी गई है। कुशीनगर के कसया में ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पोटैटो के अतिरिक्त घटकों के लिए भी 70.86 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 472.61 लाख रुपये की संयुक्त वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है। इन सुविधाओं के विकसित होने से कुशीनगर और आसपास के जनपदों के हजारों किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि यह लैब तकनीकी हस्तांतरण का केंद्र बनेगी, जहां किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा। लैब के माध्यम से तैयार पौधे कीट और रोगों के प्रति सहनशील होंगे, जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा और किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि होगी। सरकार का यह कदम कुशीनगर को केले के उत्पादन और प्रसंस्करण के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत किया, जिसमें समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आज उत्तर प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश ने विगत नौ वर्षों के दौरान अपना परसेप्सन बदलने में सफलता प्राप्त की है। राज्य ने पॉलिसी पैरालिसिस से उबरकर अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में स्वयं को प्रस्तुत किया है। यह बजट इन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत हुआ है। ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम तथा नकनीकी निवेश से समृद्ध होता उत्तर प्रदेश’ के लिए समर्पित यह बजट नव वर्ष के नवनिर्माण की नई गाथा को देशवासियों के सामने प्रस्तुत करता है।
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित शोध कार्यशाला में “भारतीय ज्ञान परम्परा” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की हैं l
इस अवसर पर डॉ. सौरभ मालवीय ने भारतीय ज्ञान परम्परा की ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं सांस्कृतिक आधारभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारतीय ज्ञान परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। वेद, उपनिषद, पुराण, लोकपरम्पराएँ, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष, साहित्य और दर्शन—इन सभी ने विश्व को मानवीय मूल्यों, समरसता और वैज्ञानिक दृष्टि का संदेश दिया है।
डॉ. मालवीय ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्यों को समझते हुए समकालीन मीडिया विमर्श में सकारात्मक और तथ्यपरक दृष्टिकोण अपनाएँ। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय चिंतन की प्रासंगिकता आज और अधिक बढ़ गई है।
Saturday, February 28, 2026
Wednesday, February 25, 2026
बैठक
शोध संस्थान के सम्मानित अधिकारी गणों की बैठक -लखनऊ कार्यालय निरालानगर में सम्पन्न.
विद्या भारती विद्यालयों तथा विद्यार्थियों का भावनात्मक, सामाजिक प्रभाव, भारतीय शिक्षा दर्शन एवं मनोविज्ञान के आधार पर शिक्षण पद्धतियों के परिणाम पर भारतीय शिक्षा शोध संस्थान ने शोध नीति की बैठक में श्रीमान गोविन्द जी, श्रीमान देशराज जी, मा. यतीन्द्र जी, आ. हेमचन्द्र जी सहित सदस्य गण.
Tuesday, February 24, 2026
गौरव का स्वर्णिम क्षण
सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज, लखनऊ में नवीन कम्प्यूटर लैब एवं विद्यालय वेबसाइट के लोकार्पण अवसर पर उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी की गरिमामयी उपस्थिति प्राप्त हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ० सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश) द्वारा की गई।
माननीय राज्यपाल महोदया के करकमलों द्वारा सम्पन्न यह लोकार्पण समारोह विद्यालय के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हुआ।
विद्या भारती परिवार उनके आशीर्वचनों हेतु हृदय से आभार व्यक्त करता है।
***
सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर का पूर्व छात्र होने के नाते यह मेरे लिए अत्यंत गौरव एवं आत्मसंतोष का क्षण है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान निरंतर प्रगति-पथ पर अग्रसर होकर नित नई ऊँचाइयों तक पहुँच रहा है। क्षेत्रीय मंत्री, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आदरणीय श्री सौरभ मालवीय गुरु जी के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी प्रबंधन तथा स्नेहिल संरक्षण में शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर विद्यालयों का प्रभावशाली कायाकल्प जारी है। यह परिवर्तन केवल भौतिक उन्नयन तक सीमित नहीं है, अपितु शैक्षणिक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों की सुदृढ़ स्थापना का सशक्त प्रतीक भी है।
सचित्र मिश्रा
सचित्र मिश्रा
लेबल:
चित्र पेटिका से,
विद्या भारती
टीवी पर लाइव
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का प्रमुख मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” है।
Sunday, February 22, 2026
Friday, February 20, 2026
टीवी पर लाइव
अपने देश में AI समिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम हो रहा, तब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का विरोध आयोजन स्थल पर अनुचित व्यवहार करने जैसा था, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा धूमिल हुई। कांग्रेस ने देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के बजाय आयोजन में विघ्न उत्पन्न किया और कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय हित के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देती है.
कांग्रेस पार्टी ने ऐसा विरोध किया जो भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने जैसा था, खासकर जब वैश्विक नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक यहाँ आए हुए हैं.
भारत की जनता भली-भांति समझती है कि कौन देश को सशक्त बनाना चाहता है और कौन बार-बार देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है.
Thursday, February 19, 2026
टीवी पर लाइव
भारत में सभी मतावलम्बी समान रूप से भारतीय हैं। भारतीय संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार और सुरक्षा दी है। यही कारण है कि अनेक वैश्विक संघर्षों के बावजूद भारत में सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत बना हुआ है।
ऐतिहासिक दृष्टि से देखें तो भारत में इस्लाम का आगमन कई मार्गों से हुआ – व्यापार, सूफी संतों की शिक्षाओं, और विभिन्न कालखंडों के राजनीतिक परिवर्तनों के माध्यम से। इतिहासकार मानते हैं कि भारत के अधिकांश मुसलमानों के पूर्वज यहीं के मूल निवासी थे, जिन्होंने अलग-अलग समय पर इस्लाम स्वीकार किया।
किसी भी भारतीय की राष्ट्रीयता उसके धर्म से तय नहीं होती।
आस्था व्यक्तिगत विषय है, राष्ट्र सर्वोपरि सामूहिक विषय है।
सामाजिक समरसता तभी बनी रहती है जब हम अतीत को समझें, लेकिन वर्तमान में परस्पर सम्मान बनाए रखें। साथ ही समयानुसार अतीत को स्वीकार कर सकते.
Wednesday, February 18, 2026
जन गोष्ठी
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लखनऊ महानगर द्वारा परम पूज्य सर संघचालक मोहन भागवत जी के सान्निध्य में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में प्रतिभाग किया।
Tuesday, February 17, 2026
विकसित उत्तर प्रदेश
टाइम्स नाऊ नवभारत द्वारा लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम "विकसित उत्तर प्रदेश" के स्पेशल शो 'राष्ट्रवाद' में अपनी बात रखते हुए.
श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्र बोध
श्रेष्ठ भारत का निर्माण केवल आर्थिक समृद्धि या तकनीकी प्रगति से नहीं होता, बल्कि वह आत्मबोध से उत्पन्न राष्ट्रबोध की चेतना से होता है। जब व्यक्ति स्वयं को पहचानता है, अपने मूल्यों, संस्कृति और कर्तव्यों को समझता है, तभी वह राष्ट्र के प्रति सजग और उत्तरदायी बनता है।
अपने अस्तित्व, अपनी परम्परा, अपनी शक्ति और अपनी जिम्मेदारियों को जानना। भारतीय ज्ञान परम्परा में “आत्मानं विद्धि” का संदेश यही देता है कि व्यक्ति पहले स्वयं को पहचाने। जब व्यक्ति अपने भीतर की क्षमता, नैतिकता और कर्तव्यबोध को जाग्रत करता है, तब वह केवल निजी हित तक सीमित नहीं रहता।
राष्ट्र के गौरव, उसकी एकता, अखंडता और संस्कृति के प्रति सजग होना। यदि व्यक्ति में आत्मबोध है तो वह समझता है कि उसका व्यक्तिगत आचरण ही राष्ट्र की छवि बनाता है।
ईमानदारी से कार्य करना राष्ट्र निर्माण है।
सामाजिक समरसता को बढ़ाना राष्ट्र सेवा है।
पर्यावरण संरक्षण करना भविष्य की पीढ़ियों के प्रति कर्तव्य है।
भारत में राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना है। वेदों से लेकर उपनिषदों तक और आधुनिक युग में भी “वसुधैव कुटुम्बकम्” का विचार हमें व्यापक राष्ट्रचेतना देता है।
भगवद्गीता में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया कर्तव्य और धर्म का उपदेश भी यही सिखाता है कि व्यक्तिगत मोह से ऊपर उठकर व्यापक हित के लिए कर्म करना ही श्रेष्ठ मार्ग है।
आज जब भारत विश्व मंच पर उभरती शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, तब आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक अपने भीतर आत्मगौरव और अनुशासन का विकास करे। शिक्षा, शोध, संस्कृति, सेवा और नवाचार—हर क्षेत्र में आत्मबोध आधारित दृष्टि राष्ट्र को श्रेष्ठता की ओर ले जाएगी।
श्रेष्ठ भारत का सपना किसी एक व्यक्ति या सरकार से पूरा नहीं होगा। यह तब साकार होगा जब हर नागरिक अपने भीतर राष्ट्र की अनुभूति करे।
आत्मबोध से उत्पन्न राष्ट्रबोध ही भारत को न केवल शक्तिशाली, बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक रूप से भी विश्व में आदर्श बनाएगा।
जब व्यक्ति जागेगा, तभी राष्ट्र जागेगा; और जब राष्ट्र जागेगा, तभी श्रेष्ठ भारत का उदय होगा।
Sunday, February 15, 2026
टीवी पर लाइव
शिवाजी महाराज राष्ट्रनायक हैं, जिन्होंने स्वराज और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की।
टीपू सुल्तान को शिवाजी के समकक्ष रखना ऐतिहासिक दृष्टि से उचित नहीं है।
Saturday, February 14, 2026
आत्मीय भेंट
बैठक में सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण एवं लोकमंगल से जुड़े विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया गया। संत स्वरूप आशीष गौतम जी ने दिव्य सेवा प्रेम मिशन द्वारा संचालित सेवा परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आगामी आयोजनों एवं जनजागरण अभियानों की जानकारी भी साझा की।
विधायक पी एन पाठक जी ने संस्थान के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए ऐसे संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर शहर के अनेक प्रमुख नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने दिव्य सेवा संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
Friday, February 13, 2026
कुशीनगर में स्थापित होगी केले की टिशू कल्चर लैब
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के क्रम में जनपद कुशीनगर के कसया स्थित राजकीय आलू फार्म पर केला टिशू कल्चर लैब की स्थापना की जा रही है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 13 फरवरी 2026 को लखनऊ में बताया कि इस परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कुल 401.75 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 223.54 लाख रुपये निर्माण कार्य और 178.21 लाख रुपये मशीनरी व उपकरणों के लिए आवंटित किए गये हैं। इस लैब की स्थापना से क्षेत्र के केला उत्पादक किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले रोगमुक्त पौधे स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जनपद कुशीनगर में केले की खेती को वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसानों को उन्नत टिशू कल्चर पौधों के लिए अन्य राज्यों या दरूस्थ क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे परिवहन के दौरान पौधों के खराब होने का डर और अधिक व्यय होता था। अब स्थानीय स्तर पर लैब स्थापित होने से किसानों को समय पर स्वस्थ और अधिक उपज देने वाली प्रजातियों के पौधे प्राप्त होंगे। यह लैब न केवल केले की गुणवत्ता में सुधार करेगी, बल्कि निर्यात योग्य फसल तैयार करने में भी सहायक सिद्ध होगी, जिससे एक जनपद एक उत्पाद अभियान को भी नई गति मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंपी गई है। कुशीनगर के कसया में ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पोटैटो के अतिरिक्त घटकों के लिए भी 70.86 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 472.61 लाख रुपये की संयुक्त वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है। इन सुविधाओं के विकसित होने से कुशीनगर और आसपास के जनपदों के हजारों किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि यह लैब तकनीकी हस्तांतरण का केंद्र बनेगी, जहां किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा। लैब के माध्यम से तैयार पौधे कीट और रोगों के प्रति सहनशील होंगे, जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा और किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि होगी। सरकार का यह कदम कुशीनगर को केले के उत्पादन और प्रसंस्करण के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
Wednesday, February 11, 2026
बजट में विकास पर बल
उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत किया, जिसमें समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आज उत्तर प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश ने विगत नौ वर्षों के दौरान अपना परसेप्सन बदलने में सफलता प्राप्त की है। राज्य ने पॉलिसी पैरालिसिस से उबरकर अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में स्वयं को प्रस्तुत किया है। यह बजट इन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत हुआ है। ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम तथा नकनीकी निवेश से समृद्ध होता उत्तर प्रदेश’ के लिए समर्पित यह बजट नव वर्ष के नवनिर्माण की नई गाथा को देशवासियों के सामने प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट की हाइलाइट्स के अनुसार 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि केवल नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए है। परिसम्पत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तथा अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी बड़ी भूमिका होती है और यहीं से रोजगार सृजन होता है। विगत नौ वर्षों में वर्तमान सरकार का दसवां बजट है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मुख्यमंत्री को दसवां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इन नौ वर्षों में एक भी टैक्स नहीं लगाया गया। प्रदेश में कर चोरी, लीकेजेज आदि को रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन से प्रदेश को बीमारू राज्य से अर्थव्यवस्था का ब्रेक-थ्रू तथा रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की ऋणग्रस्तता 30 प्रतिशत से अधिक थी, उसे हम 27 प्रतिशत लाने में सफल हुए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसे 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिर्जव बैंक ने तय किया है कि किसी भी राज्य की ऋण ग्रस्तता उसकी जीएसडीपी की 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिसने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की तय सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश वेलफेयर व इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजनाओं को धरातल पर उतारने के साथ प्रत्येक सेक्टर में ऊंचाइयों को प्राप्त करते हुए विकास के नये प्रतिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य देश की टॉप-थ्री अर्थव्यवस्था में एक है। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत से कम करने में सफलता प्राप्त हुई है। वर्ष 2017 से पूर्व बेरोजगारी दर 17 से 19 प्रतिशत तक थी। वर्तमान बजट की सोच युवाओं के प्रति समर्पित है। प्रदेश में होने वाली ग्रोथ युवाओं के रोजगार से संबंधित होनी चाहिए। इस पर ध्यान देते हुए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी योजनाओं के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों को ट्रेंड किया जा रहा है। निवेश की नई योजनाओं के साथ प्रदेश को इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन तथा इम्प्लायमेंट जेनरेटर के रूप में बड़ी भूमिका के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अकसर देखने को मिलता था कि अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डाटा प्रस्तुत करते थे। वर्तमान सरकार ने तय किया कि प्रदेश में ‘स्टेट डाटा अथॉरिटी’ का गठन किया जाएगा। यह अथॉरिटी रियल टाइम डाटा और रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगी। आज के बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से संबंधित अनेक घोषणाएं हुई हैं। आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस तथा अन्य सेक्टर में कार्य करने के लिए डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक व डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा से स्किल्ड युवा को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस बजट में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान किए गये हैं। ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डाटा लैब्स तथा साइबर फ्रॉड को रोकने हेतु बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। सिटी इकोनॉमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकोनॉमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकोनॉमिक जोन, कानपुर-झांसी इकोनॉमिक जोन क्लस्टर डेवलपमेंट की नई कार्रवाई को आगे बढ़ाने के प्रावधान इस बजट में किए गये हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस‘ में प्रदेश की रैंकिंग 13-14 पर थी। वर्तमान सरकार ने पहले तीन वर्षों में इसे दूसरे नम्बर पर लाने में सफलता प्राप्त की। प्रदेश ने चीफ अचीवर्स स्टेट के रूप में स्वयं को स्थापित किया। अब जन-विश्वास सिद्धांत के रूप में निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो‘ के माध्यम से लाइसेंसिंग, पंजीकरण आदि की कार्यवाही को अधिक सहज व सरल बनाने की दिशा में कदम उठाए गये हैं। प्रदेश में डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में बजट में प्रावधान किए गये हैं। इन कार्यों में हमें सफलता तब प्राप्त हुई है, जब प्रदेश में रूल ऑफ लॉ का वातावरण निर्मित किया गया। यही रियल ग्रोथ की गारंटी है। स्मार्ट पुलिसिंग व त्वरित न्याय व्यवस्था प्रत्येक व्यक्ति व निवेशक को सुरक्षा तथा भरोसेमंद वातावरण प्रदान करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करती है। इससे प्रदेश में रोजगार सृजित हुआ है। पहले कोई सोचता भी नहीं था कि प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होंगे। प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर फिर से विकसित होकर तीन करोड़ से अधिक युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं विकसित करेगा। आज यह सब उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई की क्षमता में अभूतपूर्व विस्तार किया गया है। प्रदेश में 40 लाख ट्यूबवेल में से विद्युत से संचालित 16 लाख ट्यूबवेल के लिए निःशुल्क बिजली की व्यवस्था की गई। डीजल से संचालित शेष 23 लाख ट्यूबवेल को फेजवाइज सोलर पावर से जोड़ने के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा इस बजट में हुई है। इस योजना में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, महिला एवं सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 प्रतिशत अनुदान की घोषणा की गई है। योजनान्तर्गत सोलर पैनल क्लस्टर व इंडिविजुअल रूप से आगे बढ़ाते हुए इसमें पीएम कुसुम योजना को भी सम्मिलित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 के उपलक्ष्य में बजट में एफपीओ को अतिरिक्त सुविधा से फैसिलिटेट करने के लिए रिवॉल्विंग फंड की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में गन्ना के साथ तिलहनी व दलहनी अन्तःफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में प्रावधान किए गये हैं। प्रदेश के किसानों के उत्पादों को निर्यात में सहायता प्रदान करने के लिए ‘एग्री एक्सपोर्ट हब्स‘ के रूप में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विकसित करने की कार्रवाई आगे बढ़ायी गई है। प्रदेश में कृषि व बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता व उत्पादन में वृद्धि हेतु भी बजट में प्रावधान किए गये हैं। वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर यूपी एग्रीज के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। यूपी एग्रीज के विस्तार तथा इसे एआई टूल्स के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए बजट में बड़ी घोषणा की गई है। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के लिए इस बजट में दो लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में वेयर हाउस व बड़े-बड़े गोदाम बनाने के लिए विशेष सब्सिडी की व्यवस्था पॉलिसी के तहत राज्य में पहले से संचालित है। उस पॉलिसी के दायरे में जो भी निवेशक, निवेश करना चाहेगा, उसे सरकार प्रोत्साहित करेगी।
उन्होंने कहा कि पशुओं को बीमा सुरक्षा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ के अंतर्गत 85 प्रतिशत तक प्रीमियम राज्य सरकार देगी। लैंडलॉक्ड स्टेट के रूप में उत्तर प्रदेश की प्रगति देश में बहुत बेहतर है। प्रदेश में मछुआरों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए ‘स्टेट ऑफ द आर्ट होलसेल फिश मंडी’ और ‘फिश प्रोसेसिंग सेंटर’ के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश सरकार वर्ल्ड फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ा रही है, जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा। प्रदेश की चार चीनी मिलों की क्षमता संवर्धन के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि बजट में आगरा-लखनऊ-हरदोई-फर्रुखाबाद की गंगा एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार प्रयागराज से मीरजापुर, वाराणसी, चन्दौली, सोनभद्र के शक्तिनगर तक तथा मेरठ से हरिद्वार तक किया जाएगा। इसके लिए बजट में घोषणा की गई है। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे को गाजीपुर से चन्दौली, सोनभद्र के शक्तिनगर तक ले जाने का कार्य किया जाएगा। यूपी बायोफ्यूल प्लास्टिक केंद्र को विकसित करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। एफडीआई फॉच्र्यून-500 के अंतर्गत आने जाने वाली कम्पनियों के लिए विशेष प्रावधान की घोषणा बजट में की गई है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन योजना’ के अंतर्गत स्थानीय खाद्य पदार्थों की ब्राडिंग के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। पुराने कम्बल एवं ऊन कारखानों के आधुनिकीकरण के लिए इस बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक जनपद में हब एंड स्पोक मॉडल पर स्किल डेवलपमेंट के बड़े केंद्र विकसित करने के कार्य को सरकार आगे बढ़ा रही है। इसके तहत सभी जनपदों में सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट जों 50 एकड़ से लेकर 100 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना’ के अंतर्गत टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण के कार्यक्रम के लिए धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की गई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में कई मॉडल दिए हैं, जिनमें ऑपरेशन कायाकल्प, अटल आवासीय विद्यालय प्रमुख हैं। अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में दो-दो सीएम कम्पोजिट विद्यालय की स्थापना हेतु बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। आवश्यकतानुसार विभिन्न विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया जाएगा। प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर कैशलेस उपचार की व्यवस्था बजट में की गई है। इस कैसलेस उपचार व्यवस्था से सभी प्रकार के शिक्षकों को हमने जोड़ा है। बजट में बालिकाओं के लिए निःशुल्क सैनेटरी नैपकिन की व्यवस्था की गई है। ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर के लिए भी धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की गई है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग माध्यमिक स्तर से ही हम करना प्रारंभ करें, इसके लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने शिक्षा, कौशल, तकनीक के सशक्त त्रिकोण को ध्यान में रखते हुए बजट में धनराशि का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ्स (स्टेम) को बढ़ावा देने के लिए स्टेम एआई मिशन से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों और टेक्निकल इंस्टिट्यूशन को जोड़ने के एक बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके अंतर्गत एआई इनबिल्ड लैब, स्किल डेवलपमेंट के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही एआई से जुड़ी सामग्री स्थानीय भाषा अर्थात हिन्दी मंस उपलब्ध हो सके, इसके लिए कार्य हो रहा है। इस दिशा में नॉलेज पार्टनर के रूप में डीपटेक के लिए प्रदेश में आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू और अन्य संस्थाओं को भी इसके साथ जोड़ने के लिए धनराशि की व्यवस्था बजट में की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत नौ वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों को ई-क्यूब अर्थात् एंप्लॉयमेंट, इंटरप्राइज तथा एक्सीलेंस के रूप में सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हुआ है। इस महिला श्रम बल के प्रतिशत को और आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना‘ के लिए धनराशि की व्यवस्था की है, जो शी-मार्ट की तर्ज पर कार्य करेगी। इसके माध्यम से गांवों व शहरी क्षेत्रों में लोकल स्तर पर प्रोडक्ट बनाने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा ‘महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड‘ की योजना भी घोषित की गई है, जिसके अंतर्गत महिलाओं की आय बढ़ाने, लखपति दीदी के लक्ष्य को आगे बढ़ाने, ब्याजमुक्त पूंजी उपलब्ध कराने हेतु धनराशि की व्यवस्था बजट में की गई है। कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण हेतु धनराशि का प्रावधान इस बजट में किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए ‘वन कमिश्नरी-वन स्पोट्र्स कॉलेज’ अर्थात 18 कमिश्नरी हेड क्वार्टर्स पर एक-एक स्पोट्र्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा, ताकि वर्ष 2030 में अहमदाबाद में सीओ कॉमनवेल्थ गेम्स तथा वर्ष 2036 में ओलम्पिक की भारत प्रस्तावित दावेदारी के दृष्टिगत प्रदेश के युवा बड़ी संख्या में इन आयोजनों के भागीदार बन सकें। इन स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना करने के साथ ही उन्हें एक स्पेसिफिक स्पोर्ट्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत ओपन जिम, खेल के मैदान, मिनी स्टेडियम तथा स्टेडियम का निर्माण कराते हुए उन्हें विकसित करने की दिशा में भारत सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द जी के नाम पर जनपद मेरठ में एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया जा रहा है, जो आगामी अप्रैल-मई तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस यूनिवर्सिटी में सत्र प्रारंभ हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन सुविधाओं के विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश ने लम्बी छलांग लगाई है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण तथा अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था, प्रदेश का पर्सेप्शन देश और दुनिया में खराब था। यहां पर न तो पर्यटन सुविधाएं थीं और न ही उसके विकास के लिए सरकार की रुचि थी। सुरक्षा के अभाव के कारण कोई पर्यटक यहां आने का प्रयास नहीं करता था। वर्ष 2024-25 में 122 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों, ईको-टूरिज्म, हेरिटेज-टूरिज्म एवं एडवेन्चर से जुड़े अन्य पर्यटन केंद्रों पर यात्रा की। पर्यटन स्वयं में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम है। उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। एक नई व्यवस्था करते हुए एक लाख अतिरिक्त रूम जोड़ने की दिशा में पर्यटन पॉलिसी के अंतर्गत पीपीपी मोड पर कार्य किया जाएगा। 50 हजार नये होम-स्टे के लिए भी कार्य किया जाएगा। महिला गाइड प्रशिक्षण के लिए लगने वाले 10 हजार रुपये के लाइसेंस शुल्क को माफ करने की भी बजट में व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में विगत नौ वर्षों में नई प्रगति की है। प्रदेश में पहले मात्र 36 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें 17 से कम सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, दो एम्स तथा अनेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पांच करोड़ 46 लाख से अधिक गोल्डेन कार्ड बनाने राज्य वाला है। हम मेडिकल कॉलेजों को टर्शियरी केयर के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रत्येक जनपद में डायलिसिस, रेडियोलॉजी, एमआरआई, सीटी स्कैन, कलर डॉप्लर, डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था करने के साथ ही उसे नेक्स्ट स्तर पर ले जाने हेतु इस बजट में प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई देश का पहला सेंटर होगा, जहां टर्शियरी के बाद क्वाटरनरी हेल्थ केयर सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह एक बड़ा कार्य है, जिसके लिए पहले चरण में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एससीपीजीआई का यह सेंटर प्रदेश में ऑर्गन ट्रान्सप्लांट के अभियान को आगे बढ़ाएगा। उन जनपदों में जहां डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज के साथ सम्बद्ध किया गया है, वहां डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल बनाने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। ‘राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन’ के अंतर्गत ‘राज्य वन हेल्थ मिशन’ तथा मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास के निर्माण हेतु अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रावधान करने के साथ-साथ यदि कोई घटना-दुर्घटना या कोई आपदा आती है, तो उन परिस्थितियों में ट्रॉमा सेंटर को सशक्त बनाने तथा नए ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में मेडिकल तथा हेल्थ सेक्टर में मेड-टेक की स्थापना होनी चाहिए। इसमें एआई, रोबोटिक आदि की सहायता से देश-प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों सहित जनपदों में सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं। राज्य सरकार ने एसजीपीजीआई, लखनऊ तथा आईआईटी कानपुर में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने हेतु धनराशि की व्यवस्था की है। इस दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों विशेषकर मेरिटोरियस छात्राओं को स्कूटी देने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश की बेटियों को सशक्त बनाने हेतु स्मार्टफोन/टैबलेट की अतिरिक्त व्यवस्था उन्हें उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण के अंतर्गत स्कूल में अथवा ट्रेनिंग ले रही किसी दिव्यांग छात्रा के लिए ई-ट्राई साइकिल अर्थात मोटराइज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के लिए भी व्यवस्था की गई है। प्रदेश में डीडीआरसी की स्थापना हो, जहां दिव्यांगजन हेतु नजदीकी सेंटर में कृत्रिम अंग उपकरण वितरण के लिए स्क्रीनिंग और उपकरण वितरण किया जा सके, इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। तीन से सात वर्ष के दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु डे-केयर सेंटर की स्थापना के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। अयोध्या, मथुरा, झांसी, मुजफ्फरनगर, देवरिया, जौनपुर जनपदों में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। नौ जनपदों-गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ, बरेली, झांसी, मेरठ और आगरा में तीन से सात वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत/2047 की संकल्पनाओं को समर्पित है। प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है। विगत नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ‘बॉटल नेक’ की जड़ता तथा बीमारू स्टेट को समाप्त करते हुए भारत की इकोनॉमी का ‘ब्रेक-थू्र-स्टेट’ के रूप में विकसित होने की दिशा आगे बढ़ा है। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट उत्तर प्रदेश में जन आकांक्षाओं को पूरा करने, जनकल्याण, युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार सृजन, निवेश का विस्तार, महिलाओं का सम्मान और उनके सशक्तिकरण को आगे बढ़ाएगा। यह उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 में एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के रूप में प्रस्तुत करते हुए विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने दूरदर्शी जन-आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाले, युवा, महिला, अन्नदाता किसान और गरीब को ध्यान में रखकर बनाए गये इस बजट के लिए वित्त मंत्री व उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक तथा मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी की मेहनत और सकारात्मक योगदान से प्रदेश का परसेप्शन बदला है। सभी सहयोगियों ने नई भूमिका को प्रस्तुत किया है। सिस्टम वही है, लेकिन जब लीडरशिप बदलती है, तो कैसे चेंज आता है। वह चेंज आज यहां पर इस बजट के माध्यम से देखने को मिल रहा है। अब उत्तर प्रदेश नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट को प्रस्तुत करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
भारतीय ज्ञान परम्परा विषय पर व्याख्यान
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित शोध कार्यशाला में “भारतीय ज्ञान परम्परा” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की हैं l
इस अवसर पर डॉ. सौरभ मालवीय ने भारतीय ज्ञान परम्परा की ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं सांस्कृतिक आधारभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारतीय ज्ञान परम्परा केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। वेद, उपनिषद, पुराण, लोकपरम्पराएँ, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष, साहित्य और दर्शन—इन सभी ने विश्व को मानवीय मूल्यों, समरसता और वैज्ञानिक दृष्टि का संदेश दिया है।
डॉ. मालवीय ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्यों को समझते हुए समकालीन मीडिया विमर्श में सकारात्मक और तथ्यपरक दृष्टिकोण अपनाएँ। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय चिंतन की प्रासंगिकता आज और अधिक बढ़ गई है।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
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डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
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डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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