राष्ट्रवाद का मूल संस्कृति है। राष्ट्रवाद का आधार हमारी युगों पुरानी संस्कृति है यह प्राचीन अवधारणा है। भारत की संस्कृति भारत की धरती की उपज है। उससे राष्ट्र जीवन प्रेरित हुआ है। भरतीय संस्कृती की नींव गंगा, गीता, गायत्री, गौ, तुलसी पर खड़ी है। उसकी एकता, एकात्मता, विशालता और समन्वय इस मिट्टी की खुशबू है।
आइये इसे समझने का प्रयास करे।



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