मुक्तांगन के आंगन से मीडिया की दृष्टि "तथ्य और सत्य" सईद अंसारी (आजतक), सुजीत ठाकुर (इंडिया टुडे), सरोज सिंह (बीबीसी), सन्तोष कुमार (दैनिक भास्कर), नीलू रंजन (दैनिक जागरण) धन्यवाद आराधना प्रधान जी
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
टीवी पर लाइव
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प्रधानमंत्री पद की गरिमा और संसदीय परंपराओं को समझना आवश्यक है। राहुल गांधी
द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती देना, विपक्ष के...
शहर, कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी
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“पॉटी उठाना शर्म नहीं, संस्कार है, शहर की सड़कों पर पॉटी नहीं, जिम्मेदारी
चाहिए” भारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और
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नमो-नमो.....आंखों ने जो देखा !
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अपन गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श राजनेता मानकर राजनीति में
सक्रिय हैं। सादगी, शुचिता, विनम्रता, अध्ययनशीलता...ये सब गुण ऐसे हैं, जो
ज्यादा आ...
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