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भारतीय ज्ञान परम्परा के माध्यम से राष्ट्रबोध जागृत करने का सशक्त प्रयास है पुस्तक
वाराणसी। अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूटीसीई) एवं अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारतीय ज्ञान परम्परा कार्यक्रम में डॉ. सौरभ मालवीय द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का लोकार्पण किया गया। पुस्तक में भारतीय संस्कृति, पर्यावरण, भारतीय महापुरुषों के जीवन-दर्शन तथा समसामयिक विषयों पर आधारित लेखों का संकलन है।
पुस्तक के माध्यम से लेखक ने भारतीय ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रबोध के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया है। पुस्तक का मूल भाव आत्मबोध के माध्यम से राष्ट्रबोध की भावना को सशक्त करना तथा भारतीय जीवन-दृष्टि के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है।
लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी, विद्या भारती के अध्यक्ष प्रो. रविंद्र कान्हेरे, विद्या भारती के उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूटीसीई) के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह तथा विद्या भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद चरण महंत सहित अनेक शिक्षाविद्, विद्वान एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण, संवर्धन तथा शिक्षा के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर विशेष बल दिया गया। पुस्तक का लोकार्पण भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध से जुड़े साहित्य के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Sunday, October 25, 2026
डॉ. सौरभ मालवीय की पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का लोकार्पण
भारतीय ज्ञान परम्परा के माध्यम से राष्ट्रबोध जागृत करने का सशक्त प्रयास है पुस्तक
वाराणसी। अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूटीसीई) एवं अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारतीय ज्ञान परम्परा कार्यक्रम में डॉ. सौरभ मालवीय द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का लोकार्पण किया गया। पुस्तक में भारतीय संस्कृति, पर्यावरण, भारतीय महापुरुषों के जीवन-दर्शन तथा समसामयिक विषयों पर आधारित लेखों का संकलन है।
पुस्तक के माध्यम से लेखक ने भारतीय ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रबोध के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया है। पुस्तक का मूल भाव आत्मबोध के माध्यम से राष्ट्रबोध की भावना को सशक्त करना तथा भारतीय जीवन-दृष्टि के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है।
लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी, विद्या भारती के अध्यक्ष प्रो. रविंद्र कान्हेरे, विद्या भारती के उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूटीसीई) के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह तथा विद्या भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद चरण महंत सहित अनेक शिक्षाविद्, विद्वान एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण, संवर्धन तथा शिक्षा के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर विशेष बल दिया गया। पुस्तक का लोकार्पण भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध से जुड़े साहित्य के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
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भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं देश के माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई...
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“हिंदुत्व केवल पूजा-पद्धति या धार्मिक पहचान का नाम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, जीवन-मूल्यों, सह-अस्तित्व और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’...
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संप्रति
डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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