एकात्म मानववाद जिसका लक्ष्य अन्त्योदय,जिसके केंद्र बिन्दु में व्यक्ति,परिवार,समाज,राष्ट्र ,व्यष्टि और समष्टि के कल्याण की भावना है इस विचार के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार दर्शन पर आधारित पुस्तक “अन्त्योदय” जिसके लेखक राजकुमार है और प्रकाशक “सुमंगलम’ कैसरबाग ,लखनऊ है निश्चय है पठनीय एवं संग्रहणीय है | लेखक ने इस पुस्तक में सुचिता और समरसता को रेखांकित करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए दीनदयाल उपाध्याय के एकात्मता के सूत्र को तार्किक रूप से प्रस्तुत किया है साथ ही समाज के सामने मूल-भूत चुनौतियां का समाधान भी सुझाया है |
कुल पेज -160
मूल्य- 90 रूपये
टीवी पर लाइव
-
वन्देमातरम!!
“पश्चिम बंगाल में रामराज्य स्थापित होगा।
रक्त-रंजीत बंगाल अब समृद्ध, सुरक्षित और भयमुक्त होगा।
सांस्कृतिक गौरव, सुशासन और विकास के नए युग का...



0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment