प्रवास के क्रम में देवरिया में हूँ। उत्तर प्रदेश के राजनीति की जमीनी अनुभव अपने इस गृह जनपद मे समझने का प्रयास।
फिर गाँव की तरफ नदी, शिवालय, देवालय, बाग़-बगीचे और खेत-खलिहान जहाँ हमारी आत्मा बसती है, उसका आनंद।
'श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध' का अवलोकन
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मेरे द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का उत्तर
प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी द्वारा
आत्मीय...



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