देवरिया। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की 37वीं खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ उत्साह एवं खेल भावना के साथ हुआ। कार्यक्रम में देवरिया सदर के विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और नेतृत्व क्षमता के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। खेलकूद विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम है। खेलों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम, अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है।
मुख्य अतिथि डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय संस्कारों की पाठशाला हैं। यहां निर्भीक, साहसी और देशभक्ति से ओतप्रोत विद्यार्थियों का निर्माण होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना भी विकसित करते हैं।
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र जी ने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए बालकों में खेल भावना को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। बच्चे खेलेंगे तो स्वस्थ और निरोग रहेंगे। खेलकूद से उनके शरीर के साथ मन और बुद्धि का भी विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लेने तथा खेल भावना और अनुशासन को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
विद्या भारती द्वारा आयोजित यह खेलकूद प्रतियोगिता विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने, उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने तथा शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इस प्रतियोगिता का समापन 16 अक्टूबर को होगा।
















0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment