हरदोई। जनपद के अल्लीपुर स्थित पं. बाबूराम त्रिवेदी सरस्वती शिशु मंदिर में नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. सौरभ मालवीय रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के स्वागत से हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथियों ने माँ शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
मंच संचालन मैगलगंज के प्रधानाचार्य उत्तम मिश्रा ने किया। जन शिक्षा समिति अवध प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक मिथिलेश अवस्थी ने अतिथियों का परिचय एवं कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की।
प्रो. मालवीय ने “भारतीय ज्ञान परम्परा” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” भारत की सनातन चेतना के मूल सूत्र हैं। उन्होंने कहा कि भारत में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के भीतर भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की चेतना विद्यमान रहती है। क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसका विवेक ही वास्तविक ज्ञान है।
उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति कर्तव्य, धर्म और वचन पालन की प्रेरणा देती है। श्रीराम का वनगमन, रावण वध तथा स्वर्णमयी लंका का त्याग भारतीय आदर्शों और नैतिक मूल्यों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की आत्मा और राष्ट्रभाव का परिचायक है।
प्रो. मालवीय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया।
द्वितीय सत्र में “21वीं सदी का आचार्य” विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक ने विश्व को एक सूत्र में जोड़ दिया है। आधुनिक प्रौद्योगिकी ने जीवन को सुविधाजनक और समृद्ध बनाया है, किन्तु वर्तमान समय में केवल रोजगार प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि स्वयं को निरंतर अद्यतन बनाए रखना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के आचार्य को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता और भारतीय जीवन मूल्यों को भी आत्मसात करना होगा। समयानुकूल ज्ञान और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित शिक्षक ही भावी पीढ़ी का प्रभावी मार्गदर्शन कर सकता है।
इस अवसर पर जन शिक्षा समिति अवध प्रदेश के उपाध्यक्ष शीर्षेन्दुशील त्रिवेदी, विद्यालय के प्रबंधक, सीतापुर संभाग के रणवीर सिंह, श्रावस्ती संभाग के कैलाश वर्मा, साकेत संभाग के मिथिलेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।









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