"भुवन भास्कर"
सूर्य, जो संपूर्ण विश्व को प्रकाशित करता है।
जब सूर्य उदय होता है, वह केवल दिन का आरंभ नहीं दर्शाता, बल्कि आत्मा में एक नए जागरण की संभावना भी लाता है।
स्वयं सूर्य एक दिव्य सत्ता है जो चेतना को जागृत करता है।
"ऊर्जा और प्रेम का सूचक है" सूर्य न केवल ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि प्रेम और करुणा का भी प्रतीक है।
सूर्योदय दर्शन सुंदर प्राकृतिक अनुभव है, बल्कि इसके अनेक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ भी हैं।
🌅 सूर्योदय दर्शन
1. मानसिक शांति और तनाव मुक्ति
सूर्योदय के समय वातावरण शांत और शुद्ध होता है।
शांत प्रकृति और उगते सूरज को देखने से मन को शांति मिलती है और तनाव कम होता है।
यह ध्यान (मेडिटेशन) के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है।
2. सकारात्मक ऊर्जा का संचार
सूरज की पहली किरणें सकारात्मक ऊर्जा देती हैं।
दिन की शुरुआत सकारात्मकता और नई ऊर्जा के साथ होती है।
3. शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार
सुबह की धूप में विटामिन D भरपूर मात्रा में होता है, जो हड्डियों, त्वचा और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है।
सूरज की हल्की किरणें त्वचा के लिए लाभकारी होती हैं और हार्मोन संतुलन में मदद करती.
5. आध्यात्मिक लाभ
कई योग और ध्यान साधनाओं में सूर्योदय का विशेष महत्व है।इस समय की गई प्रार्थना, जप या ध्यान मन को गहराई से प्रभावित करता है। यह आत्मचिंतन और आत्मसाक्षात्कार का समय माना जाता है।
6. प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद
सूर्योदय के रंग-बिरंगे दृश्य मन को प्रसन्नता और प्रेरणा देते हैं।
प्रकृति के साथ जुड़ने का एक सुंदर अवसर होता है।
7. अनुशासित जीवनशैली
सूर्योदय देखने के लिए समय से उठने की आदत लगती है, जिससे दिनचर्या संतुलित और अनुशासित बनती है।
1. सुबह ब्रह्ममुहूर्त (लगभग 4:30 से 5:30 बजे) में उठें।
2. शांत और खुली जगह पर जाएँ, जहाँ सूरज का स्पष्ट दृश्य हो।
3. कुछ मिनट शांत बैठकर सूरज को उगते हुए देखें।
4. चाहें तो इस समय हल्का ध्यान, प्रार्थना या सूर्य नमस्कार करें। 🙏
माउंट आबू से
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Sunday, September 14, 2025
मेरे प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद
गिरकर उठना, उठकर चलना... यह क्रम है संसार का... कर्मवीर को फ़र्क़ न पड़ता किसी जीत और हार का... क्योंकि संघर्षों में पला-बढ़ा... संघर्ष ही मेरा जीवन है...
-डॉ. सौरभ मालवीय
डॉ. सौरभ मालवीय
अपनी बात
सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण की तीव्र आकांक्षा के कारण छात्र जीवन से ही सामाजिक सक्रियता। बिना दर्शन के ही मैं चाणक्य और डॉ. हेडगेवार से प्रभावित हूं। समाज और राष्ट्र को समझने के लिए "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मीडिया" विषय पर शोध पूर्ण किया है, परंतु सृष्टि रहस्यों के प्रति मेरी आकांक्षा प्रारंभ से ही है।
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संप्रति
डॉ. सौरभ मालवीय
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
2/564, अवधपुरी खण्ड 2
खरगापुर, निकट प्राथमिक विद्यालय, गोमतीनगर विस्तार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
पिन- 226010
मो- 8750820740
पिन- 226010
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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डॉ. सौरभ मालवीय
एसोसिएट प्रोफेसर
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो- 8750820740
ईमेल - malviya.sourabh@gmail.com
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