निरालानगर - लखनऊ
भारतीय नववर्ष : सृष्टि की रचना का दिन
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*डॊ. सौरभ मालवीय*
नव रात्र हवन के झोके, सुरभित करते जनमन को।
है शक्तिपूत भारत, अब कुचलो आतंकी फन को॥
नव सम्वत् पर संस्कृति का, सादर वन्दन करते हैं।
हो अमि...
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