गाँव की चौपाल बौद्धिक,सामाजिक,सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वस्थ विमर्श यहा जीवंत है।
होली के दिन मेरे गाँव के एक यादव परिवार का बालक जिसकी उम्र 20-21 वर्ष थी ब्लड केंसर से मुम्बई मे निधन हो गया पूरे गाँव ने इस दुःख को स्वीकार किया और होली नही मनाने का निर्णय लिया गया,गाँव की इस संवेदना का मैं साक्षी हूँ।मुझे गर्व है की मैं इस गाँव का रहने वाला हूँ,मेरा गाँव मेरा तीर्थ।
'श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध' का अवलोकन
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मेरे द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का उत्तर
प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी द्वारा
आत्मीय...




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